'कुंभ के बजट का 0.1% भी मिलता तो बंद नहीं होते 100 से ज्यादा स्कूल', सुप्रीम कोर्ट के जज की टिप्पणी
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सौजन्य से:- Aaj Tak News
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सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस प्रसन्न बी. वराले ने शिक्षा में सुधार पर अपनी बात रखते हुए कहा कि सरकार सिंहस्थ कुंभ मेले पर होने वाले खर्च का महज 0.1 फीसदी हिस्सा भी शिक्षा पर खर्च कर दे तो शिक्षा व्यवस्था का कायाकल्प हो जाए. महाराष्ट्र के धुले जिले में एक स्कूल का दौरा करते हुए उन्होंने यह बात कही.
जस्टिस वराले ने कहा कि नासिक कुंभ मेले के लिए लगभग 32,000 से 34,000 करोड़ रुपये का बजट बताया जा रहा है. अगर इसका सिर्फ 0.1 प्रतिशत यानी करीब 32 करोड़ रुपये भी स्कूलों पर खर्च किए जाते, तो राज्य के 100 से 125 मराठी माध्यम स्कूलों को बंद होने से बचाया जा सकता था.
राज्य में लगातार घटते शिक्षा बजट पर चिंता जताते हुए उन्होंने सरकारी स्कूलों की खस्ता हालत पर गंभीर चिंता जताई. उन्होंने साफ किया कि सरकार द्वारा विकास परियोजनाओं या धार्मिक आयोजनों पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बुनियादी शिक्षा जैसी जरूरी व्यवस्थाओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए.
कैसा होगा नासिक कुंभ
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2027 में होने वाले नासिक कुंभ मेले में अत्याधुनिक तकनीक को शामिल करने की महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी दी थी. इस पहल का उद्देश्य कुंभ मेले में आने वाले बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को बेहतर और सुगम अनुभव देना है.
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भीड़ प्रबंधन के लिए तकनीक का इस्तेमाल
कुंभ मेले के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स और निगरानी प्रणालियों का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके जरिए श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखी जाएगी और भीड़ बढ़ने के समय सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी.
बेहतर संचार नेटवर्क की व्यवस्था
श्रद्धालुओं को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए मजबूत संचार नेटवर्क तैयार किए जाएंगे. इससे उन्हें अपने परिवारों से जुड़े रहने और जरूरी सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी.
स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
कुंभ मेले में IoT आधारित सुविधाएं भी लागू की जाएंगी. इनमें स्मार्ट लाइटिंग, कचरा प्रबंधन प्रणाली और पानी के वितरण की व्यवस्था शामिल होगी. इनका उद्देश्य मेले की व्यवस्था को बेहतर और अधिक टिकाऊ बनाना है.
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