सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनल रिक्तियों को रोकने के लिए रिटायर सदस्यों को 1‑2 महीने का कार्यकाल विस्तार का सुझाव दिया
केंद्र से सुप्रीम कोर्ट ने अनुरोध किया कि नए ट्रिब्यूनल सदस्यों की नियुक्ति तक रिटायर हो रहे अध्यक्षों और सदस्यों का कार्यकाल एक‑दो महीने तक बढ़ाया जाए, ताकि ट्रिब्यूनलों का कामकाज रुक न सके। विशेष रूप से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के तीन सदस्यों का कार्यकाल अंतरिम रूप से बढ़ाया गया, और नियुक्तियों की प्रक्रिया पर स्पष्ट जवाब माँगा गया।

सौजन्य से:- Navbharat Times
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रिब्यूनलों में रिक्तियों को लेकर केंद्र को अहम निर्देश देते हुए कहा कि नए सदस्यों की नियुक्ति तक रिटायर हो रहे अध्यक्षों और सदस्यों का कार्यकाल एक-दो महीने बढ़ाने पर विचार किया जाए। कोर्ट ने साफ कहा कि नियुक्तियों में देरी के कारण ट्रिब्यूनल का कामकाज ठप नहीं होना चाहिए।
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र से कहा कि वह विभिन्न ट्रिब्यूनलों के रिटायर हो रहे अध्यक्षों और सदस्यों का कार्यकाल नए सदस्यों की नियुक्ति होने तक एक-दो महीने के लिए बढ़ाने पर विचार करे। कोर्ट ने कहा कि रिक्तियों के कारण ट्रिब्यूनल निष्क्रिय नहीं होने चाहिए। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था को नियुक्तियां होने तक अस्थायी तौर पर जारी रखा जा सकता है। पीठ ने केंद्र से नियुक्तियों को लेकर स्पष्ट जवाब भी मांगा।
सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि नए सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब अंतरिम रूप से कार्यकाल बढ़ाने की मांग वाली अर्जियों पर विचार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नए ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स एक्ट, 2026 के तहत नियुक्ति की प्रक्रिया निर्धारित है। इस पर सीजेआई ने कहा, 'हम नहीं चाहते कि ट्रिब्यूनल निष्क्रिय हो जाएं। मौजूदा व्यवस्था एक-दो महीने के लिए जारी रह सकती है।' उन्होंने कहा कि यदि याचिकाएं निस्तारित करने के बाद नई नियुक्तियां नहीं हुईं तो फिर से इसी तरह की याचिकाएं दायर होंगी।
NGT के 3 सदस्यों का कार्यकाल बढ़ा
पीठ ने विशेष रूप से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के दो न्यायिक और एक तकनीकी सदस्य के कार्यकाल समाप्त होने का संज्ञान लिया। इससे एनजीटी के कामकाज पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका को देखते हुए कोर्ट ने नियुक्तियां होने तक तीनों सदस्यों का कार्यकाल अंतरिम तौर पर बढ़ा दिया। कोर्ट ने अन्य ट्रिब्यूनलों में भी 2026 के कानून के तहत नियुक्ति प्रक्रिया बिना देरी पूरी करने को कहा।
लेखक के बारे मेंराजेश चौधरीराजेश चौधरी 2007 से नवभारत टाइम्स से जुड़े हुए हैं। वह दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, निचली अदालत और सीबीआई से जुड़े विषयों को कवर करते हैं और स्पीड न्यूज में भी आपको इस बारे में खबर देते रहेंगे। यदि आपके पास कोर्ट से जुड़े मामलों की कोई सूचना है तो आप उनसे इस ईमेल अड्रेस - journalistrajesh@gmail.com - पर संपर्क कर सकते हैं।... और पढ़ें
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