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लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत से ट्रैफिक चालानों का तेज निपटारा, 6.5 लाख से अधिक जुर्माना वसूला

पुराने हाईकोर्ट परिसर में जिला न्यायाधीश मलखान सिंह ने राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया, जहाँ ट्रैफिक चालानों के लिए अलग काउंटर लगाए गए और वाहन या चालान नंबर से जानकारी दी जाती है। एक महीने के जागरूकता अभियान के बाद अब 6.5 लाख से अधिक जुर्माने वसूले गए हैं और यह मॉडल अन्य जिलों में लागू करने की सलाह दी गई।

12 सितंबर 2026 को 07:04 am बजे
लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत से ट्रैफिक चालानों का तेज निपटारा, 6.5 लाख से अधिक जुर्माना वसूला

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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साढ़े छह लाख ट्रैफिक चालान का जुर्माना वसूला गया:लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत शुरू, जिला जज बोले- 1 महीने से प्रचार-प्रसार का लोगों को जागरूक किया गया

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लखनऊ में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। पुराना हाईकोर्ट परिसर, कैसरबाग स्थित मीडिएशन हॉल के पास जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने इसका उद्घाटन किया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर आयोजित लोक अदालत में बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के निस्तारण के लिए पहुंचे। इस बार ट्रैफिक चालान के मामलों के निपटारे पर विशेष जोर दिया गया है। कार्यक्रम की शुरुआत जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने की।

चालान निस्तारण के लिए अलग काउंटर, गाड़ी नंबर से भी होगी जांच

लखनऊ में बड़ी संख्या में लंबित ट्रैफिक चालानों को देखते हुए लोक अदालत में अलग-अलग काउंटर बनाए गए हैं। यहां लोग अपने वाहन नंबर, चालान संख्या या मोबाइल नंबर के जरिए चालान की जानकारी हासिल कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें बताया जा रहा है कि उनका मामला किस कोर्ट में निस्तारित होगा। अधिकारियों के मुताबिक लखनऊ में करीब साढ़े छह लाख से ज्यादा ट्रैफिक चालानों के निस्तारण की तैयारी की गई है। चालान के निस्तारण को लेकर लोगों तक लगातार एसएमएस के जरिए भी जानकारी पहुंचाई गई है। इसके अलावा जिला प्रशासन, नगर निगम और 112 की गाड़ियों के माध्यम से भी राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जागरूकता अभियान चलाया गया।

जिला जज बोले- प्रचार के तरीके को दूसरे जिलों के लिए भी अपनाया गया

जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने लोक अदालत में मौजूद न्यायाधीशों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी के सामने आज बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि पिछले एक महीने से लखनऊ में राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। लोगों को अधिक से अधिक संख्या में न्यायालय तक लाने के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि लखनऊ में लोक अदालत को लेकर किए गए प्रचार-प्रसार और लोगों को न्यायालय तक पहुंचाने के तरीके की सराहना हुई है। इसे सभी जिलों के लिए लागू किए गए एक मॉडल के तौर पर भी देखा गया।

जजों से ज्यादा से ज्यादा मामलों के निस्तारण की अपील

जिला जज ने सभी न्यायिक अधिकारियों से कहा कि आज उनके सामने बड़ी जिम्मेदारी है। अपने-अपने न्यायालयों में ज्यादा से ज्यादा मामलों का निस्तारण किया जाए, ताकि लोक अदालत का उद्देश्य पूरा हो सके और अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिले। राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान के अलावा अन्य मामलों के निस्तारण की भी व्यवस्था की गई है। अधिकारियों का फोकस अधिक से अधिक लंबित मामलों को आपसी सहमति और त्वरित प्रक्रिया के जरिए निपटाने पर है।

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