टाटा ग्रुप की 116 पुरानी कंपनी को सिंगापुर की अदालत ने दिया झटका, याचिका खारिज; अब फैसले को चुनौती देगी कंपनी - tata power singapore court challenge rejected plans appeal
टाटा ग्रुप की 116 पुरानी कंपनी को सिंगापुर की अदालत ने दिया झटका, याचिका खारिज; अब फैसले को चुनौती देगी कंपनी टाटा पावर को सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट से बड़ा झटका लगा है, जहां क्लेरोस कैपिटल पार्टनर्स लिमिटेड के स…

सौजन्य से:- Jagran
टाटा ग्रुप की 116 पुरानी कंपनी को सिंगापुर की अदालत ने दिया झटका, याचिका खारिज; अब फैसले को चुनौती देगी कंपनी
टाटा पावर को सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट से बड़ा झटका लगा है, जहां क्लेरोस कैपिटल पार्टनर्स लिमिटेड के साथ कानूनी विवाद में उसकी याचिका खारिज कर दी गई है। कंपनी ने अब इस फैसले को सिंगापुर कोर्ट ऑफ अपील में चुनौती देने की तैयारी कर ली है।
HighLights
- सिंगापुर कोर्ट ने टाटा पावर की याचिका खारिज की।
- क्लेरोस कैपिटल पार्टनर्स से कानूनी विवाद में झटका।
- टाटा पावर फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देगी।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। टाटा ग्रुप की 116 पुरानी कंपनी टाटा पावर को लेकर एक बड़ी खबर आई है। कंपनी को विदेशी सरजमी पर बड़ा झटका लगा है। दरअसल, टाटा पावर (Tata Power) और क्लेरोस कैपिटल पार्टनर्स लिमिटेड (Kleros Capital Partners Limited) के बीच चल रहे कानूनी विवाद में एक नया मोड़ आया है। सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट (SICC) ने इस मामले में टाटा पावर द्वारा दायर की गई चुनौती को खारिज कर दिया है।
सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट के भले ही टाटा पावर की याचिका को खारिज कर दिया हो, लेकिन कंपनी इस केस को लेकर चुप नहीं बैठने वाली। कंपनी इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देने की तैयारी में है। आइए जानते हैं कि आखिर पूरा मामला क्या है।
2025 में टाटा पावर के खिलाफ आया था फैसला
यह विवाद 'क्लेरोस' (Kleros) द्वारा 30 नवंबर, 2020 को शुरू की गई मध्यस्थता (Arbitration) कार्यवाही से जुड़ा है। इस मामले में 1 जुलाई, 2025 और 27 अगस्त, 2025 को मध्यस्थता निर्णय (Arbitral Awards) सुनाए गए थे। टाटा पावर ने इन निर्णयों और दो मध्यस्थों की नियुक्ति को चुनौती दी थी।
26 अगस्त, 2026 को सुनाए गए अपने फैसले में सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट ने टाटा पावर की आपत्तियों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि अंतिम निर्णय तक पहुँचने में 'नैसर्गिक न्याय' (Natural Justice) या 'निष्पक्ष सुनवाई' के नियमों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। इससे पहले टाटा पावर ने सिंगापुर इंटरनेशनल आर्बिट्रेशन सेंटर (SIAC) के उस फैसले को भी चुनौती दी थी, जिसमें दो मध्यस्थों की नियुक्ति के खिलाफ कंपनी की आपत्ति को नामंजूर कर दिया गया था।
टाटा पावर फैसले को देगी चुनौती
टाटा पावर ने बताया कि कंपनी के पास 26 अगस्त, 2026 से सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट के फैसले के खिलाफ सिंगापुर कोर्ट ऑफ अपील में अपील करने के लिए 28 दिन का समय है। कंपनी इस समय-सीमा के भीतर सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर करेगी।
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