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12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत: ट्रैफिक जुर्माना, बिजली‑पानी के बिल सहित कई मुद्दों का त्वरित निपटारा

छत्तीसगढ़ में 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान, बिजली‑पानी के बिल और अन्य सार्वजनिक सेवाओं से जुड़े विवादों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा। यह व्यवस्था कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22ए‑22बी के तहत स्थायी लोक अदालतों के माध्यम से लंबी अदालत प्रक्रिया और खर्च से बचाव का लक्ष्य रखती है।

5 सितंबर 2026 को 02:32 pm बजे
12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत: ट्रैफिक जुर्माना, बिजली‑पानी के बिल सहित कई मुद्दों का त्वरित निपटारा

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

National Lok Adalat : ट्रैफिक चालान से बिजली बिल तक, 12 सितंबर को कई समस्याओं का मिलेगा समाधान

लोक अदालत (AI जेनरेटेड प्रतीकात्मक फोटो)

National Lok Adalat : अदालत में लंबी कानूनी प्रक्रिया और खर्च से बचते हुए विवाद का आपसी सहमति से समाधान चाहते हैं, तो लोक अदालत एक आसान रास्ता है. जानें छत्तीसगढ़ में यह कब लगने वाला है.

National Lok Adalat : कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22 ए और 22 बी के तहत लोगों से जुड़ी जरूरी सेवाओं के विवादों को सुलझाने के लिए स्थायी लोक अदालतें बनाई गई हैं. छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर और जगदलपुर में वर्ष 2007 से, जबकि दुर्ग और सरगुजा (अंबिकापुर) में वर्ष 2011 से स्थायी लोक अदालतें काम कर रही हैं. इन अदालतों में सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी कई सेवाओं के विवादों का समाधान किया जाता है.

इनमें परिवहन, डाक, टेलीफोन, बिजली और पानी की आपूर्ति, सार्वजनिक सफाई, अस्पताल और डिस्पेंसरी की सेवाएं, बीमा, बैंकिंग और अन्य वित्तीय संस्थानों से जुड़े मामले शामिल हैं. इसके अलावा आम लोगों को ईंधन की आपूर्ति, शैक्षणिक संस्थानों, आवास और रियल एस्टेट सेवाओं से जुड़े विवादों में भी राहत मिल सकती है. इसका उद्देश्य लोगों को लंबी अदालती प्रक्रिया से बचाकर आपसी सहमति से विवाद का आसान और जल्द समाधान उपलब्ध कराना है.

12 सितंबर को लगेगी लोक अदालत

इस बात की जानकारी chhattisgarh.nalsa.gov.in में दी गई है. वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, 12 सितंबर को लोक अदालत लगने वाला है.

साल 2026 में कब-कब लगेगी लोक अदालत

राष्ट्रीय लोक अदालत

- राष्ट्रीय स्तर पर लोक अदालतें नियमित अंतराल पर आयोजित की जाती हैं. एक तय दिन देशभर की अदालतों में एक साथ लोक अदालत लगती है.

- एक साथ बड़ी संख्या में मामलों का समाधान करना इसका उद्देश्य है. सुप्रीम कोर्ट से लेकर तालुका स्तर तक की अदालतों में लंबित मामलों को आपसी सहमति से निपटाने की कोशिश की जाती है.

- हर महीने अलग-अलग विषयों पर ध्यान दिया जाता है. इससे एक ही तरह के बड़ी संख्या में विवादों का एक साथ समाधान करने में मदद मिलती है और लोगों को जल्दी न्याय मिल सकता है.

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