मुकदमे
सुप्रीम कोर्ट ने किया अदालती कार्रवाई में देरी को माफ करने का आदेश
छत्तीसगढ़ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्वासन के खिलाफ अपील दायर करने में होने वाली देरी को सुप्रीम कोर्ट ने धारा 5 परिसीमन अधिनियम के तहत माफ करने की अनुमति दी है। यह निर्णय जित्तू यादव बनाम छत्तीसगढ़ राज्य और अन्य मामले में आया है।

सौजन्य से:- Live Law
छत्तीसगढ़ सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्वासन के खिलाफ अपील दायर करने में देरी को धारा 5 परिसीमन अधिनियम के तहत माफ किया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मुकदमे
बिहार विश्वविद्यालय कानून के विरोध में शिक्षक संघों का प्रदर्शन

मुकदमे
लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, 16 न्यायाधिकरणों के लिए निगरानी

मुकदमे
मानदेय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई

मुकदमे
पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

मुकदमे
बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी

मुकदमे
दुर्गा कॉलोनी का दोबारा सर्वे: फरीदाबाद में 234 एकड़ जमीन की होगी जांच, प्लॉटधारकों को राहत की उम्मीद

मुकदमे
पिता को अदालत का झटका: बेटी की शिक्षा के लिए जमा पैसा भरण-पोषण में नहीं गिना जा सकता

मुकदमे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलेगी दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों को राहत
ताज़ा ख़बरें
- ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक 2026: जयराम रमेश ने केंद्र की योजना का किया समर्थन
- मेटा को 567 मिलियन डॉलर का भुगतान करने का आदेश, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा पर ध्यान देने के लिए
- दोषियों की अपीलों में देरी को माफ करने का मौका, न्यायपालिका ने दी दिशानिर्देश
- JPSC परीक्षा घोटाला: सुप्रीम कोर्ट में याचिका, दोबारा परीक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
- शासन को आरोप तय करने में लगे 10 साल, अदालत में पहुंचते ही निरस्त
- उत्तर प्रदेश सरकार ने मृत कर्मचारियों के पुत्रों को नौकरी देने का निर्देश दिया
- JPSC परीक्षा का सुप्रीम कोर्ट में विवाद: परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग
- बच्चों की शिक्षा पर भार : शिक्षक भर्ती के लंबित मुकदमों के लिए स्पेशल कोर्ट, संघ ने दी मांग

