होम›सुप्रीम कोर्ट›चाचा-ससुर न कर सकते हैं घड़ी दामाद को गोद, जानें सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट

चाचा-ससुर न कर सकते हैं घड़ी दामाद को गोद, जानें सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने ओरांव जनजाति प्रथा के तहत एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है। जिसमें कहा गया है कि चाचा और ससुर बेटी के पति को घर का दामाद नहीं मानते।

9 जुलाई 2026 को 11:56 am बजे
चाचा-ससुर न कर सकते हैं घड़ी दामाद को गोद, जानें सुप्रीम कोर्ट का फैसला

सौजन्य से:- Live Law

ओरांव जनजाति प्रथा के तहत चाचा-ससुर भतीजी के पति को 'घर दामाद' के रूप में गोद नहीं ले सकते: सुप्रीम कोर्ट

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया
सुप्रीम कोर्ट

मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया

क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
सुप्रीम कोर्ट

क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ
सुप्रीम कोर्ट

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ

क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
सुप्रीम कोर्ट

क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

ताज़ा ख़बरें