होमसुप्रीम कोर्टवाणिज्यिक मुकदमों में प्रतिदावे के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वादी का जवाब लिखित बयान की तरह ही समय सीमा में देना होगा
सुप्रीम कोर्ट

वाणिज्यिक मुकदमों में प्रतिदावे के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वादी का जवाब लिखित बयान की तरह ही समय सीमा में देना होगा

सुप्रीम कोर्ट ने वाणिज्यिक मुकदमों में प्रतिदावे के लिए सुनवाई के दौरान यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा है कि वादी को भी प्रतिदावे के लिए जवाब लिखित बयान की तरह समान समय सीमा के भीतर देना होगा।

13 जुलाई 2026 को 01:13 pm बजे
वाणिज्यिक मुकदमों में प्रतिदावे के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कहा, वादी का जवाब लिखित बयान की तरह ही समय सीमा में देना होगा

सौजन्य से:- Live Law

वाणिज्यिक मुकदमों में प्रतिदावे पर वादी का जवाब लिखित बयान के समान समय सीमा के अधीन है: सुप्रीम कोर्ट

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश: चार नए मुख्य न्यायाधीश!
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश: चार नए मुख्य न्यायाधीश!

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, 4 हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, 4 हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त

सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का वार्षिक सारांश: जांच और कानूनी कार्यवाही में नए मानक
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का वार्षिक सारांश: जांच और कानूनी कार्यवाही में नए मानक

गुरुग्राम में चलेगा बुलडोजर, टूटेंगे अवैध आशियाने
सुप्रीम कोर्ट

गुरुग्राम में चलेगा बुलडोजर, टूटेंगे अवैध आशियाने

सुप्रीम कोर्ट ने योग्यता अंकों के निर्धारण और साक्षात्कार बेंचमार्क में बदलाव पर दिया निर्णय
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने योग्यता अंकों के निर्धारण और साक्षात्कार बेंचमार्क में बदलाव पर दिया निर्णय

अनुसमर्थन की गहराई: सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया मूल्यांकन का महत्व
सुप्रीम कोर्ट

अनुसमर्थन की गहराई: सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया मूल्यांकन का महत्व

सुप्रीम कोर्ट ने कर दायित्व को वैध ठहराया, लेकिन पूर्वव्यापी जुर्माना नहीं माना
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कर दायित्व को वैध ठहराया, लेकिन पूर्वव्यापी जुर्माना नहीं माना

अगर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माननी तो 5 लाख लोगों का रोजगार होगा असुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट

अगर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माननी तो 5 लाख लोगों का रोजगार होगा असुरक्षित

ताज़ा ख़बरें