सुप्रीम कोर्ट 21-23 अगस्त लगाएगा स्पेशल लोक अदालत: गुरदासपुर में जिला और उपमंडल पर होगा आयोजन, त्वरित निस्तारण पर रहेगा जोर - Batala News
- Hindi News - Local - Punjab - Gurdaspur - Batala - Gurdaspur Special Lok Adalat | Supreme Court Pending Case Settlement सुप्रीम कोर्ट 21-23 अगस्त लगाएगा स्पेशल लोक अदालत:गुरदासपुर में जिला और उपमंडल पर होगा आयोजन, त्वर…

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Punjab
- Gurdaspur
- Batala
- Gurdaspur Special Lok Adalat | Supreme Court Pending Case Settlement
सुप्रीम कोर्ट 21-23 अगस्त लगाएगा स्पेशल लोक अदालत:गुरदासपुर में जिला और उपमंडल पर होगा आयोजन, त्वरित निस्तारण पर रहेगा जोर
- कॉपी लिंक
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया द्वारा 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को एक विशेष तीन दिवसीय 'स्पेशल लोक अदालत' का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबे समय से लंबित (पेंडिंग) पड़े मामलों का आपसी सहमति, राजीनामे और सौहार्दपूर्ण
चेयरमैन दिलबाग सिंह जोहल ने बताया कि इस स्पेशल लोक अदालत के दौरान केवल उन्हीं मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी जो कानूनन आपसी सहमति और सुलह के योग्य हैं।
वैकल्पिक समाधानों के जरिए मामलों का बोझ कम करने की पहल
डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज-कम-चेयरमैन डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (गुरदासपुर) दिलबाग सिंह जोहल ने सुप्रीम कोर्ट की इस विशेष मुहिम पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह सराहनीय कदम सर्वोच्च न्यायालय में मुकदमों के बढ़ते बोझ को कम करने और विवादों को वैकल्पिक समाधान तंत्र (Alternative Dispute Resolution) के माध्यम से सुलझाने के लिए उठाया गया है। इससे न केवल समय और पैसे की बचत होती है, बल्कि आपसी दुश्मनी भी हमेशा के लिए खत्म हो जाती है।
इन श्रेणी के मामलों को दी जाएगी प्राथमिकता
वैवाहिक और पारिवारिक विवाद
मोटर दुर्घटना दावा (MACC) मामले
नौकरी व सेवा संबंधी (Service Matters) विवाद
भूमि अधिग्रहण (Land Acquisition) के मामले
उपभोक्ता (Consumer) मामले
अन्य सिविल और दीवानी विवाद शामिल हैं, जिन्हें लोक अदालत की वैधानिक कार्यवाही के जरिए आपसी रजामंदी से निपटाया जा सकता है।
गुरदासपुर में 'प्री-लोक अदालतों' का दौर जारी, दोनों पक्षों को समन जारी
इस महा-अभियान की सफलता के लिए जिला गुरदासपुर और उप-मंडल स्तर पर 'प्री-लोक अदालतें' युद्धस्तर पर आयोजित की जा रही हैं। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, गुरदासपुर को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया से मुख्य कार्यालय (S.A.S. नगर) के माध्यम से ऐसे लंबित मामलों की पूरी सूची प्राप्त हो चुकी है। इस सूची के आधार पर अथॉरिटी द्वारा संबंधित दोनों पक्षों को लोक अदालत में पेश होने के लिए समन (नोटिस) जारी कर दिए गए हैं।
प्री-लोक अदालत की रिपोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट में होगा अंतिम फैसला
यह तमाम प्री-लोक अदालतें डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज माननीय श्री दिलबाग सिंह जोहल के कुशल नेतृत्व में लगाई जा रही हैं। इन प्री-लोक अदालतों में जब दोनों पक्ष केस को सुलझाने के लिए अपनी सहमति दे देंगे, तो उनकी रजामंदी की विस्तृत रिपोर्ट तुरंत माननीय मुख्य कार्यालय S.A.S. नगर भेजी जाएगी। इसके बाद, 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में आयोजित होने वाली स्पेशल लोक अदालत में इन मामलों पर अंतिम मुहर लगाकर इनका हमेशा के लिए निपटारा कर दिया जाएगा।
आम जनता से अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील
डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, गुरदासपुर द्वारा आम जनता और मुकदमेबाजी से परेशान लोगों से विशेष अपील की गई है कि वे इस सुनहरे अवसर को न गंवाएं। नागरिक अपने लंबित पड़े मामलों को तुरंत प्री-लोक अदालत में ले जाएं और आपसी सहमति से उनका हल करवाकर इस तीन दिवसीय स्पेशल लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को विवादास्पद नागरिकता डेटाबेस के उपयोग की स्वीकृति दी
- सुप्रीम कोर्ट ने SAVE डेटाबेस के इस्तेमाल को मंजूरी दी, ट्रम्प प्रशासन को राहत
- कानून का सही उपयोग: बहादुरपुर में एससी-एसटी अधिनियम पर बैठक
- सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की याचिका खारिज की, आदेश से नहीं थोप सकते भाषा
- एपी हाई कोर्ट ने अमरावती को राजधानी मानने के बाद तीन‑राजधानी प्रस्ताव को निरर्थक घोषित किया
- सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं रोका SIR?
- महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह की बरी को चुनौती, दिल्ली कोर्ट में दायर की अपील
- ICU सुधार में नया कदम: कोर्ट ने बुनियादी ढाँचा 9 महीने, स्टाफिंग 6 महीने में पूरा करने का आदेश

