बारिश की बूँदों में भी शास्त्रीनगर की महिलाओं ने धरना नहीं छोड़ा, 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई तय
शास्त्रीनगर में चार महीने से चल रहे महिलाओं के धरने में लगातार बारिश के बावजूद टेंट और छाते के नीचे प्रदर्शन जारी रहा। वे अपनी मांगों पर ठोस कार्रवाई न होने तक आंदोलन नहीं छोड़ेंगी, और इस मुद्दे की सुनवाई 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होगी।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
- Hindi News
- Local
- Uttar pradesh
- Meerut
- Meerut Shastrinagar Women Protest | Supreme Court Hearing Update
बारिश में भी शास्त्रीनगर की महिलाओं का धरना जारी:21 सितंबर को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, छाते लेकर सड़क पर बैठीं
- कॉपी लिंक
मेरठ में शनिवार को दिनभर हुई बारिश के बीच भी शास्त्रीनगर में महिलाओं का धरना जारी रहा। बारिश के दौरान महिलाएं टेंट के नीचे छाते लेकर बैठी रहीं। मौसम खराब होने के बावजूद महिलाओं ने धरना खत्म नहीं किया।
उनका कहना है कि मांगों को लेकर करीब चार महीने से धरना चल रहा है। लगातार बारिश और बदलते मौसम के बावजूद महिलाएं धरनास्थल पर डटी रहीं। शनिवार को भी सुबह से रुक-रुककर और कई जगह तेज बारिश होती रही, लेकिन धरने पर बैठी महिलाओं ने अपना प्रदर्शन जारी रखा।
बारिश से बचने के लिए धरनास्थल पर टेंट लगाया गया है लेकिन बारिश ज्यादा होने के कारण उसमें से भी पानी टपकने लगा तो टेंट के नीचे महिलाएं छाते लेकर बैठी रहीं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
चार महीने से चल रहे इस धरने के कारण शास्त्रीनगर का यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। शनिवार को बारिश के बीच धरना जारी रहने की तस्वीरें भी सामने आईं, जिसमें महिलाएं खराब मौसम के बावजूद प्रदर्शन करती नजर आईं।
21 सितंबर को सुनवाई
आवास विकास और शास्त्रीनगर में चल रहे इस प्रकरण में अब आने वाली 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है। बीती 2 सितंबर को व्यापारियों द्वारा शहर बंद कर एक प्रदर्शन भी किया था उसमें भी महिलांए शामिल हुई थी और फिर आकर अपना धरना शुरू कर दिया था।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया

क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ

क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
ताज़ा ख़बरें
- महिलाओं के आत्मरक्षा अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट की राय
- सुरक्षा के लिए हथियार रखने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट के 12 अपर जजों को स्थायी पद पर रखने की सिफारिश की
- सुप्रीम कोर्ट के 13 सवालों पर FSSAI ने 43 पृष्ठों का विस्तृत हलफ़नामा पेश किया
- FSSAI ने 13 प्रश्नों के उत्तर में पेश किया 43‑पृष्ठीय हलफनामाः लाल चेतावनी लेबल का ढांचा और समय‑सीमा
- सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को दिया कड़ाकेदार चेतावनी
- सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया, सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी सामग्री हटाने के प्रस्ताव पर निर्णय टाला
- सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को चेतावनी दी: शिक्षा से अधिक मुनाफे पर न ध्यान दें

