स्लीपर व लग्जरी बसों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई, तीनों सीज व 7 पर 70 हजार का चालान
राजस्थान के कोटा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बसों की जांच की गई, जिसमें से तीनों को सीज व 7 पर 70 हजार का चालान लगाया गया.

सौजन्य से:- ETV Bharat
स्लीपर व लग्जरी बसों पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एक्शन शुरू, 3 सीज व 7 पर लगाया 70 हजार का जुर्माना
यह कार्रवाई राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर व जिला एवं सेशन न्यायाधीश एसएन व्यास के निर्देश पर कार्रवाई की गई है.
Published : July 10, 2026 at 11:49 AM IST
कोटा: राजस्थान के फलौदी में बस हादसे में कई लोगों की मौत के बाद सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान लेने पर कोटा में कार्रवाई शुरू हो गई है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटा की सचिव एवं न्यायाधीश गीता चौधरी ने टीम के साथ गुरुवार रात और शुक्रवार सुबह स्लीपर व लग्जरी बसों की जांच की. चौधरी ने टीम बनाकर 10 संशोधित बसों की जांच की. इनमें से 3 बसों को सीज कर दिया और 7 बसों पर 70 हजार रुपए का जुर्माना लगाया. कार्रवाई में उनके साथ परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे. अचानक हुई इस कार्रवाई से बस ऑपरेटर सकते में आ गए.
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव चौधरी ने बताया कि राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर व जिला एवं सेशन न्यायाधीश एसएन व्यास के निर्देश पर कार्रवाई की गई है. स्लीपर व लग्जरी बसों पर संयुक्त टीम बनाकर सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की पालना के लिए ही संयुक्त निरीक्षण दल बनाया गया है ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हो.
पढ़ें: Violation of Rules : लग्जरी बसों को किया सीज, बाल वाहिनियों के काटे चालान
बसों में मिलीं ये खामियां: टीम ने स्लीपर व लग्जरी बसों में एआईएस-119 यानी AIS-119 सुरक्षा मानकों की जांच की. निरीक्षण में बसों में अवैध रूप से बनाए गए लगेज स्पेस, इमरजेंसी एग्जिट का अभाव, क्षमता से ज्यादा सीट या स्लीपर, सेफ्टी इक्विपमेंट की कमी और अन्य तकनीकी मानकों की जांच की गई. गुरुवार रात नयापुरा सर्कल पर 4 बसों की जांच की गई. इसमें 1 बस को सीज किया गया और शेष 3 बसों में कमियां मिलने पर 30 हजार रुपए का चालान बनाया. इसी तरह शुक्रवार सुबह 6 बसों की जांच की गई. इनमें 2 बसों को सीज किया गया और 4 बसों पर 40 हजार रुपए का चालान काटा गया. इस टीम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज कुमार मित्तल, जिला परिवहन अधिकारी सुरेंद्र पुरोहित, कोटा पुलिस के यातायात निरीक्षक पूरण सिंह, आरटीओ इंस्पेक्टर देवेंद्र जोशी व परवीन अख्तर शामिल थे.
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