चम्पावत में 15 मामलों में त्वरित न्याय, 30.14 लाख का सेटलमेंट
चम्पावत लोक अदालत में 15 चेक बाउंस करंट के मामलों का समाधान हुआ। इस दौरान 30 लाख 14 हजार रुपये का सेटलमेंट हुआ। पक्षकारों को लंबी अदालती प्रक्रिया से राहत मिली और उन्हें त्वरित न्याय मिला

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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चम्पावत लोक अदालत में 30.14 लाख का सेटलमेंट:15 चेक बाउंस मामलों में पक्षकारों को मिला त्वरित न्याय
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चम्पावत। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चम्पावत के तत्वावधान में आयोजित विशेष लोक अदालत में चेक अनादरण (चेक बाउंस) के 15 मामलों का निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 30 लाख 14 हजार रुपये का सेटलमेंट हुआ, जिससे पक्षकारों को त्वरित न्याय मिला।
यह विशेष लोक अदालत परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 की धारा 138 के अंतर्गत लंबित एवं प्री-लिटिगेशन स्तर के मामलों के समाधान के लिए आयोजित की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करना और आपसी सहमति के आधार पर विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान कर पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना था।
उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशों तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चम्पावत के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए जनपद में दो पीठों का गठन किया गया था। प्रथम पीठ की अध्यक्षता सिविल जज (जूनियर डिवीजन) चम्पावत विशाल गोयल ने की, जबकि द्वितीय पीठ की अध्यक्षता सिविल जज (जूनियर डिवीजन) टनकपुर रुचिका नरोला ने संभाली।
दोनों पीठों ने चेक अनादरण से जुड़े मामलों की सुनवाई की और समझौते के आधार पर उनका निस्तारण कराया। इस पहल से संबंधित पक्षों को समय और धन की बचत हुई, साथ ही उन्हें जटिल न्यायिक प्रक्रिया से भी मुक्ति मिली।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आमजन से अपील की है कि वे सुलभ, त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने के लिए आपसी सहमति से विवादों के समाधान हेतु लोक अदालत की व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।
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