व्यापक एक्शन: उत्तराखंड में 304 नाली जमीन को सरकारी मालिकाना में किया गया है
उत्तराखंड के नैनीताल जिले में भू-कानून उल्लंघन के 14 मामलों में बड़ी कार्रवाई हुई है, जहां 6.088 हेक्टेयर भूमि सरकार के पास निहित की जाएगी।

सौजन्य से:- ETV Bharat
उत्तराखंड में भू-कानून उल्लंघन पर बड़ा एक्शन, 304 नाली भूमि सरकार में निहित, 14 मामलों में हुई कार्रवाई
नैनीताल जिले में भूमि कानून उल्लंघन के 14 मामलों में 304 नाली जमीन सरकार में निहित कर दी है. ये कार्रवाई डीएम ने की है.
By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 10, 2026 at 4:44 PM IST
हल्द्वानी: नैनीताल जिले में भू कानून के उल्लंघन पर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बड़ी कार्रवाई की है. 14 मामलों में जांच के बाद कुल 6.088 हेक्टेयर, यानी करीब 304 नाली भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश दिए गए हैं. जांच में बागवानी के बजाय अन्य गतिविधियां, तय सीमा से अधिक भूमि खरीद और व्यावसायिक उपयोग के मामले सामने आए हैं.
नैनीताल जिले में भू कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने भू कानून के उल्लंघन से जुड़े 14 मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 6.088 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए हैं. यह भूमि करीब 304 नाली बताई जा रही है.
जिलाधिकारी के निर्देश पर कराई गई जांच में जमीन के उपयोग और खरीद से जुड़े कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. जांच में पाया गया कि कुछ लोगों ने बागवानी के उद्देश्य से भूमि खरीदी, लेकिन निर्धारित शर्तों के अनुरूप वहां बागवानी का कार्य नहीं किया गया. वहीं, कुछ मामलों में एक ही परिवार द्वारा भू कानून के प्रावधानों के विपरीत निर्धारित सीमा से अधिक भूमि खरीदे जाने की बात सामने आई. इसके अलावा कृषि उपयोग के लिए आवंटित की गई जमीन पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती भी पाई गईं. प्रशासन ने इन मामलों को भू कानून के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए कार्रवाई की है.
जिले में भू कानून का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जिन मामलों में जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन सामने आएगा, उनमें नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और संबंधित भूमि को राज्य सरकार में निहित किया जाएगा.
-ललित मोहन रयाल, जिलाधिकारी नैनीताल-
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद भू-कानून का उल्लंघन कर जमीन खरीदने और निर्धारित उपयोग के विपरीत उसका इस्तेमाल करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है. जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी ऐसे मामलों में गंभीरता से जांच कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
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