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सरकार को बड़ा झटका: फंड की कमी का बहाना बनाकर मुआवजा देने में देरी नहीं कर सकती

दिल्ली हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सरकार फंड की कमी का बहाना बनाकर अधिग्रहित जमीन का मुआवजा देने में अनिश्चितकाल तक देरी नहीं कर सकती। कोर्ट ने 4 महीने में फैसला लेने का आदेश दिया है। यह फैसला उन जमीन मालिकों के लिए राहत भरा है जिनकी जमीन सरकारी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित होने के बाद भी मुआवजा लंबे समय से अटका हुआ है।

12 जुलाई 2026 को 04:13 am बजे
सरकार को बड़ा झटका: फंड की कमी का बहाना बनाकर मुआवजा देने में देरी नहीं कर सकती

सौजन्य से:- Navbharat Times

दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा फैसला: फंड की कमी कहकर मुआवजा नहीं टाल सकती सरकार, 4 महीने में फैसला लेने का आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि सरकार फंड की कमी का बहाना बनाकर अधिग्रहित जमीन का मुआवजा देने में अनिश्चितकाल तक देरी नहीं कर सकती।

क्या है मामला

जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस विकास महाजन की बेंच ने यह टिप्पणी पूठ खुर्द की अधिग्रहित जमीन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान 8 जुलाई को की। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उनकी जमीन का अधिग्रहण दिल्ली के नियोजित विकास के तहत 100 मीटर चौड़ी सड़क बनाने के लिए किया गया था लेकिन सालों बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा, फंड की कमी होने के कारण भुगतान नहीं हो सका। इस पर हाई कोर्ट ने कहा कि फंड की कमी का बहाना बनाकर जमीन मालिकों को अनिश्चितकाल तक इंतजार नहीं कराया जा सकता। कोर्ट ने निर्देश दिया कि मुआवजा देने के संबंध में फैसला चार महीने में लिया जाए। आप पर असर

यह फैसला उन सभी जमीन मालिकों के लिए राहत भरा है, जिनकी जमीन सरकारी परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित होने के बाद भी मुआवजा लंबे समय से अटका हुआ हुआ है। है। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि सरकार फंड की कमी का बहाना बनाकर भुगतान टाल नहीं सकती। इससे प्रभावित लोगों को समय पर मुआवजा पाने के अधिकार को मजबूती मिलेगी। यह आदेश सरकारी एजेंसियों की जवाबदेही भी तय करता है और संदेश देता है कि यह सरकार की कानूनी जिम्मेदारी है।कन्वर्सेशन शुरू करें

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