सुप्रीम कोर्ट ने श्री श्री रविशंकर के फाउंडेशन को दी राहत, वापस होगी 5 करोड़ जमा राशि
Sign In Advertisement X सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में यमुना के बाढ़ वाले इलाके (फ्लड प्लेन) में 2016 में हुए कार्यक्रम के लिए श्री श्री रविशंकर की संस्था 'व्यक्…

सौजन्य से:- AajTak
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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में यमुना के बाढ़ वाले इलाके (फ्लड प्लेन) में 2016 में हुए कार्यक्रम के लिए श्री श्री रविशंकर की संस्था 'व्यक्ति विकास केंद्र - आर्ट ऑफ़ लिविंग फ़ाउंडेशन' पर लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया है. कोर्ट का कहना है कि इस बात का कोई सीधा सबूत नहीं है कि 'व्यक्ति विकास केंद्र - आर्ट ऑफ़ लिविंग फ़ाउंडेशन' के कार्यक्रम से बाढ़ वाले इलाके को नुकसान पहुंचा.
सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माने को रद्द करते हुए DDA को निर्देश दिया है कि 'व्यक्ति विकास केंद्र - आर्ट ऑफ़ लिविंग फ़ाउंडेशन' द्वारा जमा किए गए 5 करोड़ रुपये वापस किए जाएं. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कानून के तहत किसी व्यक्ति को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराने से पहले यह साबित करना होगा कि वह प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है.
कोर्ट का कहना है कि अगर यह साबित हो जाता है तो सजा जरूर होनी चाहिए. हालांकि इस मामले में कोई संबंध नहीं मिला, जिसके बाद जुर्माने को रद्द किया गया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि DDA इको सेंसिटिव ज़ोन की रक्षा करने की अपनी ड्यूटी में फेल रहा.
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बताया गया है कि घटना वाली जगह पहले से ही जर्जर अवस्था में थी. कहा गया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण(NGT) ने अपील करने वालो को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया. कोर्ट का कहना था कि DDA ने जिस तरह से यमुना के सक्रिया बाढ़-मैदान पर कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति दी, वह गलत था. कोर्ट का कहना है कि DDA को अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार काम करने में नाकाम रही. हालांकि बाढ़ मैदान को फिर से ठीक करने का काम पहले ही शुरू हो चुका है.
DDA, NGT के निर्देशों के अनुसार यमुना के बाढ़ वाले इलाके को फिर से ठीक करने का काम जारी रहेगा.
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