मनमाने हवाई किराये पर सुप्रीम कोर्ट हुआ सख्त, 7 दिन में नियम जारी करें केंद्र, कहा- उड़ान रोक देंगे
सुप्रीम कोर्ट ने हवाई किराये में उतार-चढ़ाव और अतिरिक्त शुल्क से जुड़ी याचिका पर केंद्र को भारतीय विमान अधिनियम 2024 के नियम सात दिनों में प्रकाशित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने एयरलाइंस के नियम नहीं मानने पर उड़ान रोकन…

सौजन्य से:- Navbharat Times
सुप्रीम कोर्ट ने हवाई किराये में उतार-चढ़ाव और अतिरिक्त शुल्क से जुड़ी याचिका पर केंद्र को भारतीय विमान अधिनियम 2024 के नियम सात दिनों में प्रकाशित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने एयरलाइंस के नियम नहीं मानने पर उड़ान रोकने समेत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
नई दिल्ली: हवाई किराये में लगातार उतार-चढ़ाव और यात्रियों से वसूले जा रहे अतिरिक्त शुल्क को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र ने कोर्ट को बताया कि भारतीय विमान अधिनियम, 2024 के तहत नियम को अंतिम रूप देने में तीन हफ्ते का समय लगेगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि नियमों को 7 दिनों के भीतर प्रकाशित किया जाए। बेंच ने यह भी कहा कि अगर एयरलाइंस नियमों का पालन नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्हें जमीन पर उतारने यानी उड़ान रोकने तक का कदम उठाया जा सकता है।
केंद्र ने कहा, नियम बनाने की प्रक्रिया तेज की गई है
सुनवाई के दौरान केंद्र ने कहा कि नियम बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। केंद्र के और समय मांगने पर बेंच ने सुनवाई 7 सितंबर को तय की। हवाई किराये को नियंत्रित करने को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मी नारायणन की अर्जी पर सुनवाई हो रही है। याचिकाकर्ता की ओर से संसद में नागरिक उड्डयन मंत्री के दिए बयान का हवाला दिया गया, जिसमें कहा गया था कि सरकार हवाई किराये की सीमा तय नहीं कर सकती।
‘नियामक कितना प्रभावी साफ नहीं’
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच के सामने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल कौशिक ने नियमों का मसौदा सीलबंद कवर में पेश किया। उन्होंने बताया कि मसौदे पर अंतिम स्तर की चर्चा चल रही है। अदालत ने मसौदे को देखने के बाद कहा कि इसमें नियामकीय व्यवस्था का प्रस्ताव तो है, लेकिन यह साफ नहीं है कि नियामक की भूमिका कितनी प्रभावी होगी।
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