चेक बाउंस मामले में अदालत का सख्त फैसला, भैंसें खरीदने वाले व्यक्ति को मिली एक साल की सजा
अंबाला में एक व्यक्ति ने चेक देकर दो भैंसें खरीदीं और बाद में चेक बाउंस होने पर भुगतान से मुकर गया। अदालत ने इस मामले में आरोपी को एक साल की कठोर कैद और डेढ़ गुना जुर्माना लगाया।

सौजन्य से:- jagran.com
अंबाला में चेक देकर खरीदी भैंसें, बाउंस होने पर मुकरा; अदालत ने सुनाई एक साल की कठोर सजा
अंबाला में चेक बाउंस मामले में एक व्यक्ति को दो भैंसों की खरीद के बाद भुगतान न करने पर एक साल की कठोर कैद और डेढ़ गुना जुर्माना लगाया गया है। ...और पढ़ें
HighLights
- अंबाला में चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक साल की सजा
- दो भैंसों की खरीद के बाद भुगतान से मुकर गया था
- अदालत ने डेढ़ गुना जुर्माना और मुआवजा देने का आदेश दिया
जागरण संवाददाता, अंबाला। चेक देकर दो भैंसें खरीद ली, जब चेक बाउंस हो गया तो पेमेंट देने से मुकर गया। जिस पर अदालत ने आरोपित को दोषी करार देते हुए एक साल की कठोर सजा सुनाई। वहीं कुल राशि का डेढ़ गुना तक जुर्माना लगा दिया। जुर्माना ना देने की सूरत में तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। गांव बलाना के रहने वाले नारायण सिंह ने बताया कि 28 दिसंबर 2020 को कुरुक्षेत्र के गांव मंधेडी के अवतार सिंह उर्फ टोनी ने उससे एक लाख 90 हजार रुपये में दो भैंसें खरीदी थी।
भुगतान के रूप में आरोपित ने एक चेक 24 मार्च 2021 का दिया था। जब शिकायतकर्ता ने इस चेक को बैंक में जमा कराया तो बाउंस हो गया। आरोपित पेमेंट देने से मुकर गया। मामले में आरोपित की ओर से अदालत में पक्ष रखा गया कि उसने केवल एक भैंस 58 हजार रुपये में खरीदी थी और उसका भुगतान कर दिया था।
उसके दिए गए खाली सुरक्षा चेक का गलत इस्तेमाल किया है। अदालत ने इस दलील को खारिज कर दिया था। शिकायतकर्ता नारायण सिंह निवासी गांव बलाना ने अपने बेटे को हरजीत सिंह को विशेष पावर आफ अटार्नी धारक बना दिया था। हरजीत सिंह ने 10 मई 2021 को अदालत में दायर किया था। अदालत ने दोषी को एक साल की कठोर कैद और 2 लाख 85 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
देवेंद्रकुला वेल्लालर ने SC टैग छोड़कर सामाजिक सम्मान की मांग की

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: टिकट न होने पर भी ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मेरठ में 16,000‑से‑अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई

परिवारिक विवादों में न्यायालय‑एडीआर का सहयोगी मॉडल

टिकट न मिलने पर भी 8 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी परिवार को

टिकट न मिलने पर भी मुआवजा मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की रक़म बहाल की

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी ज़ोन में वाणिज्यिक कार्यवाही पर सील लगाने का कड़ा आदेश
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने चीनी‑एथेनॉल मुआवजा दावों के 103.4 अरब रियाल के मुद्दे को पूर्ण पीठ तक पहुँचाया
- सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध कॉलोनियों पर सख्त कदम, न्यायिक आयोग बनाकर ध्वस्तीकरण का आदेश
- मोदी सरकार ने OBC ‘क्रीमी लेयर’ नियम लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से दो साल की रियायत माँगी
- अंतर्राष्ट्रीय कानून की स्नातक ने नौकरी छोड़कर सब्जी विक्रय में रोज़ 200 किग्रा बेचना शुरू किया
- केन्द्र सरकार ने OBC क्रीमी लेयर नियम लागू करने के लिए दो साल की राहत की माँग की
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाई कोर्टों में 12 जजों को स्थायी पद दिलवाया
- शरई अदालत में बढ़ते तलाक‑नफका के केस, हर महीने 30 मामले, काउंसलिंग से समाधान
- LiveLaw ने लॉन्च किया ‘ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट’ – न्यायिक अपडेट अब तुरंत

