सुप्रीम कोर्ट ने इथेनॉल आवंटन पर फैसला, BPCL को मिली राहत, 24 पक्षों को भेजे नोटिस
सुप्रीम कोर्ट ने इथेनॉल अवंटन व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होने का आदेश दिया। कोर्ट ने केंद्र सरकार और 23 डिस्टिलरी समेत 24 पक्षों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। इसके साथ ही BPCL को काफी राहत मिली है।

सौजन्य से:- ABP News
E20 Policy: इथेनॉल आवंटन पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, BPCL को मिली राहत, केंद्र समेत 24 पक्षों को भेजा नोटिस
E20 Policy: पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद से ही ई20 पेट्रोल काफी चर्चा में था. इसके आवंटन को लेकर भी तरह- तरह की बातें की जा रही थीं. अब सुप्रीम कोर्ट ने BPCL को राहत देने वाला फैसला सुनाया है.
E20 Policy: पेट्रोल- डीजल की कीमतें बढ़ने के बाद से ही ई20 पेट्रोल यानी इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल काफी चर्चा में रहा है. सरकार भी लगातार इसकी पैरवी कर रही थी. तो वहीं इसके आवंटन को लेकर अलग- अलग चर्चाएं भी चल रही थी. जिसके बाद अब हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐसा आदेश जारी किया है, जिसने फिलहाल ई20 के आवंटन को लेकर सारे कंफ्यूजन को दूर कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
दरअसल हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि 2025-26 के लिए इथेनॉल आवंटन व्यवस्था में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने ये फैसला भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड की एक याचिका की सुनवाई के दौरान किया है. इस फैसले से BPCL को काफी राहत मिली है.
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क्या है पूरा मामला?
ये पूरा मामला हाई कोर्ट के उस फैसले से जुड़ा है, जिसमें उसने तेल विपणन कंपनियों (OMCs) से कहा था कि वो कुछ डिस्टिलरी (शराब बनाने वाली इकाइयों) की इथेनॉल आवंटन बढ़ाने की मांग पर सोच- विचार करें. हाईकोर्ट के इस फैसले को BPCL ने कर्नाटक हाई कोर्ट में चुनौती दी थी और कहा था कि अगर कुछ डिस्टिलरी को ज्यादा इथेनॉल दिया गया, तो पूरे देश में लागू इथेनॉल खरीद और आवंटन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
इस मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश से सरकार की पेट्रोल में 20% इथेनॉल मिलाने की नीति पर असर पड़ सकता है. उन्होंने ये भी बताया कि 2025-26 के लिए इथेनॉल सप्लाई के अनुबंध पहले ही अक्टूबर 2025 में पूरे हो चुके हैं और इसी तरह के कई मामले देश के अलग-अलग हाई कोर्ट में भी लंबित हैं.
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केंद्र सरकार समेत 24 पक्षों से जवाब तलब
सुनवाई के दौरान इन दलीलों को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है. यानी 2025-26 के लिए इथेनॉल आवंटन की मौजूदा व्यवस्था में अभी कोई बदलाव नहीं होगा. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और 23 डिस्टिलरी समेत कुल 24 पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. अब उनके जवाब आने के बाद मामले की अगली सुनवाई होगी.
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