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सुप्रीम कोर्ट ने वेंडर हटाने का आदेश, चंडीगढ़ निगम ने पर्ची कटवाने का दावा

मलकीत सिंह बनाम यूटी चंडीगढ़ के निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों से अनधिकृत वेंडरों को हटाने और उन्हें निर्धारित वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने पर बल दिया। उसी बीच चंडीगढ़ नगर निगम ने वेंडरों से शुल्क लेकर पर्चियां काटकर राजबींधन पर बिक्री करने की प्रथा को जारी रखा, जिससे सार्वजनिक जगह पर दुकान लगाने की अनुमति पर सवाल उठ रहे हैं।

27 अगस्त 2026 को 09:56 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने वेंडर हटाने का आदेश, चंडीगढ़ निगम ने पर्ची कटवाने का दावा

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Chandigarh News: सुप्रीम कोर्ट बोला- हटाओ निगम ने कहा-पर्ची कटाओ

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चंडीगढ़। नगर निगम की कार्यप्रणाली पर इन दिनों बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है। एक तरफ निगम सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देकर सार्वजनिक जगहों से अनधिकृत वेंडरों को हटाने और उन्हें निर्धारित वेंडिंग जोन में शिफ्ट करने का अभियान चला रहा है। दूसरी तरफ रक्षाबंधन के मौके पर उन्हीं सार्वजनिक स्थानों पर वेंडरों और दुकानदारों से शुल्क लेकर पर्चियां काटी जा रही हैं। निगम की इस दोहरी व्यवस्था ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर सार्वजनिक जगह पर दुकान लगाने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है।

मलकीत सिंह बनाम यूटी चंडीगढ़ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों को अनधिकृत कब्जों से मुक्त रखने और वेंडरों को निर्धारित वेंडिंग जोन में बैठाने पर जोर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सड़कें और सार्वजनिक स्थान अनधिकृत कब्जे से मुक्त होने चाहिए और वहां बैठे अवैध वेंडरों को निर्धारित साइटों पर स्थानांतरित किया जाए। इसी आदेश के तहत निगम इन दिनों सार्वजनिक स्थानों पर बैठे अनधिकृत वेंडरों को हटाने और निर्धारित वेंडिंग साइटों पर शिफ्ट करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है।

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मलकीत सिंह बनाम यूटी चंडीगढ़ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक स्थानों को अनधिकृत कब्जों से मुक्त रखने और वेंडरों को निर्धारित वेंडिंग जोन में बैठाने पर जोर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि सड़कें और सार्वजनिक स्थान अनधिकृत कब्जे से मुक्त होने चाहिए और वहां बैठे अवैध वेंडरों को निर्धारित साइटों पर स्थानांतरित किया जाए। इसी आदेश के तहत निगम इन दिनों सार्वजनिक स्थानों पर बैठे अनधिकृत वेंडरों को हटाने और निर्धारित वेंडिंग साइटों पर शिफ्ट करने के लिए विशेष अभियान चला रहा है।

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