न्याय को आमजन की दहलीज तक लाने के लिए कामां में बैठक, लोक अदालत की तैयारी की गई
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों पर विशेष लोक अदालत, राष्ट्रीय लोक अदालत की रणनीति बनाई गई। अधिकाधिक प्रकरण आपसी सहमति से निपटाने पर जोर दिया। प्रस्तावित 12 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा हुई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कामां में न्यायिक अधिकारियों की बैठक
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डीग| न्याय को आमजन की दहलीज तक पहुंचाने के लिए शुक्रवार को कामां में उच्चस्तरीय बैठक हुई। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों पर विशेष लोक अदालत, राष्ट्रीय लोक अदालत, जन-जागरूकता अभियानों की रणनीति बनाई गई। बैठक में जिला विधिक सेवा
न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य मामलों की पहचान के निर्देश दिए गए। अधिकाधिक प्रकरण आपसी सहमति से निपटाने पर जोर रहा। पक्षकारों को वर्षों तक अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें। समय और धन की बचत हो।12 सितंबर 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों की समीक्षा हुई। न्यायिक अधिकारियों से प्री-काउंसलिंग कराने को कहा गया। पक्षकारों के बीच संवाद बने। विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान हो। लंबित मुकदमों का बड़े स्तर पर निस्तारण हो सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रामकिशन शर्मा ने बताया कि ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे अभियान को प्राथमिकता दी गई। 7 जुलाई 2026 और 21 जुलाई 2026 को कामां क्षेत्र में विशेष विधिक जागरूकता शिविर लगाने का निर्णय हुआ। शिविरों में वंचित, जरूरतमंद, अंतिम पंक्ति के नागरिकों को संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी जाएगी। विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
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