होममुकदमेफ्रांसीसी अदालत से मरीन ले पेन को बड़ी राहत, लेकिन स्वतंत्रता पर शर्तें
मुकदमे

फ्रांसीसी अदालत से मरीन ले पेन को बड़ी राहत, लेकिन स्वतंत्रता पर शर्तें

फ्रांसीसी अदालत ने मरीन ले पेन को 2027 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की अनुमति दी, लेकिन उन्हें इलेक्ट्रॉनिक निगरानी ब्रेसलेट पहनना होगा। उन्होंने पहले चुनाव लड़ने से इनकार करने की धमकी दी थी अगर अदालत ऐसी शर्तें लगाती है।

7 जुलाई 2026 को 02:57 pm बजे
फ्रांसीसी अदालत से मरीन ले पेन को बड़ी राहत, लेकिन स्वतंत्रता पर शर्तें

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6a4d0a29dd7dad18ca0adb4a","slug":"french-court-clears-way-for-far-right-leader-le-pen-to-run-in-2027-but-under-condition-she-rejects-2026-07-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"France: फ्रांसीसी अदालत से मरीन ले पेन को राहत, जानें कोर्ट ने क्या रखी शर्त; राष्ट्रपति चुनाव लड़ने पर संशय","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}

France: फ्रांसीसी अदालत से मरीन ले पेन को राहत, जानें कोर्ट ने क्या रखी शर्त; राष्ट्रपति चुनाव लड़ने पर संशय

Tue, 07 Jul 2026 07:46 PM IST

Pavan

पीटीआई, पेरिस

पीटीआई, पेरिस

Published by: Pavan

Updated Tue, 07 Jul 2026 07:46 PM IST

सार

अब मरीन ले पेन को यह फैसला करना है कि क्या वह इलेक्ट्रॉनिक ब्रेसलेट पहनकर 2027 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगी या नहीं। उन्होंने पहले कहा था कि अगर अदालत ऐसी शर्तें लगाती है जिससे स्वतंत्र रूप से चुनाव प्रचार करना मुश्किल हो जाए, तो वह चुनाव नहीं लड़ेंगी।

विज्ञापन

खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या

वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

विस्तार

फ्रांस की दक्षिणपंथी नेता मरीन ले पेन को 2027 के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की दिशा में बड़ी राहत मिली है। हालांकि, अपील अदालत ने साफ किया है कि उन्हें अपनी सजा के तहत घर पर रहते हुए इलेक्ट्रॉनिक निगरानी ब्रेसलेट पहनना होगा। जबकि ले पेन पहले ही कह चुकी हैं कि इस शर्त के साथ चुनाव प्रचार करना उनके लिए स्वीकार्य नहीं होगा।

यह भी पढ़ें- Emmanuel Macron Syria Visit: एक दशक बाद राजदूतों की दोबारा नियुक्ति पर फ्रांस-सीरिया सहमत, क्यों बढ़ी नजदीकी?

अपील अदालत ने सजा में दी राहत

पेरिस की अपील अदालत ने मंगलवार को ले पेन को यूरोपीय संसद के धन के गबन (गबन/दुरुपयोग) के मामले में दोषी माना, लेकिन उनकी सजा में कुछ राहत दी। अदालत ने सार्वजनिक पद संभालने पर लगी रोक को पांच साल से घटाकर 45 महीने कर दिया। इनमें से दो-तिहाई अवधि निलंबित रहेगी। इसके अलावा, उनकी जेल की सजा भी चार साल से घटाकर तीन साल कर दी गई। इनमें से दो साल की सजा निलंबित रहेगी, जबकि एक साल की सजा उन्हें घर पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी ब्रेसलेट पहनकर पूरी करनी होगी।

विज्ञापन

किस मामले में हुई थी सजा?

यह मामला 2004 से 2016 के बीच का है। आरोप है कि ले पेन और उनकी पार्टी नेशनल रैली के अन्य नेताओं ने यूरोपीय संसद के उन फंड का गलत इस्तेमाल किया, जो संसदीय सहायकों के वेतन के लिए दिए गए थे। आरोप के अनुसार, इस धन से पार्टी के कर्मचारियों को भुगतान किया गया। मार्च 2025 में निचली अदालत ने ले पेन को इस मामले में दोषी ठहराते हुए चार साल की जेल और पांच साल तक कोई निर्वाचित पद नहीं संभालने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने अपील की थी।

ले पेन ने आरोपों से किया इनकार

57 वर्षीय मरीन ले पेन लगातार सभी आरोपों से इनकार करती रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। वह 2027 में फ्रांस के राष्ट्रपति पद के लिए चौथी बार चुनाव लड़ना चाहती हैं।

चुनाव नहीं लड़ने पर कौन होगा उम्मीदवार?

अगर ले पेन यह तय करती हैं कि इलेक्ट्रॉनिक ब्रेसलेट की शर्त के साथ चुनाव लड़ना संभव नहीं है, तो उनकी जगह जॉर्डन बार्डेला पार्टी के उम्मीदवार बन सकते हैं। 30 वर्षीय बार्डेला फिलहाल नेशनल रैली पार्टी के अध्यक्ष हैं और उन्हें ले पेन का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है।

यह भी पढ़ें- Indonesia: 'भारत-इंडोनेशिया साथ बढ़ते हैं तो कुछ कुछ नहीं, बहुत कुछ होता है', सामुदायिक कार्यक्रम में PM मोदी

अभियोजन पक्ष क्या चाहता था?

अभियोजन पक्ष ने अपील अदालत से मांग की थी कि ले पेन को चार साल की जेल, जिसमें तीन साल निलंबित हों, और पांच साल तक चुनाव लड़ने या कोई निर्वाचित पद संभालने पर रोक बरकरार रखी जाए। हालांकि अदालत ने सजा में कुछ राहत देते हुए अंतिम फैसला सुनाया।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें- Emmanuel Macron Syria Visit: एक दशक बाद राजदूतों की दोबारा नियुक्ति पर फ्रांस-सीरिया सहमत, क्यों बढ़ी नजदीकी?

विज्ञापन

अपील अदालत ने सजा में दी राहत

पेरिस की अपील अदालत ने मंगलवार को ले पेन को यूरोपीय संसद के धन के गबन (गबन/दुरुपयोग) के मामले में दोषी माना, लेकिन उनकी सजा में कुछ राहत दी। अदालत ने सार्वजनिक पद संभालने पर लगी रोक को पांच साल से घटाकर 45 महीने कर दिया। इनमें से दो-तिहाई अवधि निलंबित रहेगी। इसके अलावा, उनकी जेल की सजा भी चार साल से घटाकर तीन साल कर दी गई। इनमें से दो साल की सजा निलंबित रहेगी, जबकि एक साल की सजा उन्हें घर पर इलेक्ट्रॉनिक निगरानी ब्रेसलेट पहनकर पूरी करनी होगी।

विज्ञापन

किस मामले में हुई थी सजा?

यह मामला 2004 से 2016 के बीच का है। आरोप है कि ले पेन और उनकी पार्टी नेशनल रैली के अन्य नेताओं ने यूरोपीय संसद के उन फंड का गलत इस्तेमाल किया, जो संसदीय सहायकों के वेतन के लिए दिए गए थे। आरोप के अनुसार, इस धन से पार्टी के कर्मचारियों को भुगतान किया गया। मार्च 2025 में निचली अदालत ने ले पेन को इस मामले में दोषी ठहराते हुए चार साल की जेल और पांच साल तक कोई निर्वाचित पद नहीं संभालने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ उन्होंने अपील की थी।

ले पेन ने आरोपों से किया इनकार

57 वर्षीय मरीन ले पेन लगातार सभी आरोपों से इनकार करती रही हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया। वह 2027 में फ्रांस के राष्ट्रपति पद के लिए चौथी बार चुनाव लड़ना चाहती हैं।

चुनाव नहीं लड़ने पर कौन होगा उम्मीदवार?

अगर ले पेन यह तय करती हैं कि इलेक्ट्रॉनिक ब्रेसलेट की शर्त के साथ चुनाव लड़ना संभव नहीं है, तो उनकी जगह जॉर्डन बार्डेला पार्टी के उम्मीदवार बन सकते हैं। 30 वर्षीय बार्डेला फिलहाल नेशनल रैली पार्टी के अध्यक्ष हैं और उन्हें ले पेन का राजनीतिक उत्तराधिकारी माना जाता है।

यह भी पढ़ें- Indonesia: 'भारत-इंडोनेशिया साथ बढ़ते हैं तो कुछ कुछ नहीं, बहुत कुछ होता है', सामुदायिक कार्यक्रम में PM मोदी

अभियोजन पक्ष क्या चाहता था?

अभियोजन पक्ष ने अपील अदालत से मांग की थी कि ले पेन को चार साल की जेल, जिसमें तीन साल निलंबित हों, और पांच साल तक चुनाव लड़ने या कोई निर्वाचित पद संभालने पर रोक बरकरार रखी जाए। हालांकि अदालत ने सजा में कुछ राहत देते हुए अंतिम फैसला सुनाया।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
बिहार विश्वविद्यालय कानून के विरोध में शिक्षक संघों का प्रदर्शन
मुकदमे

बिहार विश्वविद्यालय कानून के विरोध में शिक्षक संघों का प्रदर्शन

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, 16 न्यायाधिकरणों के लिए निगरानी
मुकदमे

लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक पेश, 16 न्यायाधिकरणों के लिए निगरानी

मानदेय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई
मुकदमे

मानदेय बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई लड़ाई

पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं: सुप्रीम कोर्ट
मुकदमे

पिछली तारीख से टैक्स की देनदारी सही, लेकिन जुर्माना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी
मुकदमे

बिहार में गुजरात मॉडल की शराबबंदी लागू होनी चाहिए: जीतन राम मांझी

दुर्गा कॉलोनी का दोबारा सर्वे: फरीदाबाद में 234 एकड़ जमीन की होगी जांच, प्लॉटधारकों को राहत की उम्मीद
मुकदमे

दुर्गा कॉलोनी का दोबारा सर्वे: फरीदाबाद में 234 एकड़ जमीन की होगी जांच, प्लॉटधारकों को राहत की उम्मीद

पिता को अदालत का झटका: बेटी की शिक्षा के लिए जमा पैसा भरण-पोषण में नहीं गिना जा सकता
मुकदमे

पिता को अदालत का झटका: बेटी की शिक्षा के लिए जमा पैसा भरण-पोषण में नहीं गिना जा सकता

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलेगी दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों को राहत
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर मिलेगी दुर्गा बिल्डर कॉलोनी के प्लॉटधारकों को राहत

ताज़ा ख़बरें