गोरखपुर में 12 सितंबर को लोक अदालत: समाधान का मंच, विवाद नहीं
राज कुमार सिंह जनपद न्यायाधीश ने प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाते हुए राष्ट्रीय लोक अदालत के जनजागरूकता अभियान का शुभारंभ किया। यह अदालत शहर‑ग्राम तक पहुँचेगी, लोगों को सुलह‑समझौते के आधार पर तेज़ और सुलभ न्याय दिलाने का लक्ष्य रखेगी, तथा आर्थिक कठिनाइयों से ग्रस्त व्यक्तियों को न्याय से वंचित नहीं रहने का वचन देती है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Gorakhpur News: विवाद बढ़ाएं नहीं, समाधान अपनाएं... 12 सितंबर को लोक अदालत में मिलेगा आसान न्याय
Thu, 10 Sep 2026 02:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Thu, 10 Sep 2026 02:20 AM IST
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गोरखपुर। विवाद को लंबा खींचने के बजाय आपसी सहमति से समाधान की राह दिखाने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए बुधवार को व्यापक जनजागरूकता अभियान शुरू किया गया। 12 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए जनपद न्यायाधीश व अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राज कुमार सिंह ने न्यायालय परिसर से प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों को लोक अदालत की प्रक्रिया, लाभ और निस्तारण योग्य मामलों की जानकारी देंगे।
जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत केवल विवाद निपटाने का मंच नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता कायम करने का प्रभावी माध्यम है। आर्थिक या अन्य कठिनाइयों के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, यही इसका उद्देश्य है। लोक अदालत में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित और सरल समाधान कराया जा सकता है।
उन्होंने आमजन और वादकारियों से अपील की कि वे 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता केवल न्यायिक संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है। अधिक से अधिक पात्र वादकारियों तक सूचना पहुंचाना समाज और संबंधित विभागों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
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मामला कोर्ट में जाने से पहले भी समाधान का मौका : मीनाक्षी सिन्हा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए न्यायालयों, विभागों और संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लंबित मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन मामलों को भी सुलह-समझौते के जरिए निस्तारित कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि विवाद को बढ़ाने के बजाय लोक अदालत के माध्यम से समाधान का रास्ता अपनाएं। इस दौरान नोडल अधिकारी अनिल कुमार राणा समेत न्यायिक अधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी मौजूद रहे।
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जनपद न्यायाधीश ने कहा कि लोक अदालत केवल विवाद निपटाने का मंच नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी सौहार्द और सामाजिक समरसता कायम करने का प्रभावी माध्यम है। आर्थिक या अन्य कठिनाइयों के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, यही इसका उद्देश्य है। लोक अदालत में लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर त्वरित और सरल समाधान कराया जा सकता है।
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उन्होंने आमजन और वादकारियों से अपील की कि वे 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता केवल न्यायिक संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है। अधिक से अधिक पात्र वादकारियों तक सूचना पहुंचाना समाज और संबंधित विभागों की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
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मामला कोर्ट में जाने से पहले भी समाधान का मौका : मीनाक्षी सिन्हा
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मीनाक्षी सिन्हा ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए न्यायालयों, विभागों और संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय कर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। लंबित मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन मामलों को भी सुलह-समझौते के जरिए निस्तारित कराने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि विवाद को बढ़ाने के बजाय लोक अदालत के माध्यम से समाधान का रास्ता अपनाएं। इस दौरान नोडल अधिकारी अनिल कुमार राणा समेत न्यायिक अधिकारी, अधिकारी-कर्मचारी और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी मौजूद रहे।
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