Kangra News: मकान मालिक को मिलेगा अदालत में जमा 1.14 लाख रुपये बकाया किराया
{"_id":"6a8ee9aec8346900b70c9c5d","slug":"the-landlord-will-receive-the-114-lakh-in-outstanding-rent-deposited-with-the-court-kangra-news-c-95-1-kng1004-252297-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ka…

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a8ee9aec8346900b70c9c5d","slug":"the-landlord-will-receive-the-114-lakh-in-outstanding-rent-deposited-with-the-court-kangra-news-c-95-1-kng1004-252297-2026-08-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: मकान मालिक को मिलेगा अदालत में जमा 1.14 लाख रुपये बकाया किराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: मकान मालिक को मिलेगा अदालत में जमा 1.14 लाख रुपये बकाया किराया
Thu, 27 Aug 2026 06:56 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 27 Aug 2026 06:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मशाला। रेंट कंट्रोलर-प्रथम धर्मशाला डॉ. हकीकत ढांडा की अदालत ने एक अहम फैसले में अदालत में जमा 1,14,500 रुपये की किराया बकाया राशि मकान मालिक को लौटाने के आदेश दिए हैं। अदालत ने इस राशि को जारी करने के विरोध में किरायेदार की ओर से दायर आवेदन को खारिज कर दिया है।
राम धन बनाम अमृत पाल मामले में अदालत ने जमा राशि पर अर्जित ब्याज सहित पूरी रकम मकान मालिक राम धन के पक्ष में जारी करने के निर्देश दिए हैं। दुकान मालिक ने अदालत में आवेदन दायर कर कहा था कि किराएदार ने 31 अक्तूबर 2022 को किराये के बकाया के रूप में 1,14,500 रुपये अदालत में जमा करवाए थे।
बेदखली याचिका का अंतिम फैसला दो दिसंबर 2025 को हो चुका है, इसलिए यह राशि उन्हें जारी की जानी चाहिए। वहीं, किराएदार ने इस आवेदन का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि दुकान में रखा उसका सामान मालिक ने वापस नहीं किया है। इसके चलते वह पांच लाख रुपये मुआवजे का हकदार है। किराएदार ने अलग से आवेदन दायर कर अदालत में जमा राशि को भी अपने पक्ष में जारी करने की मांग उठाई थी।
विज्ञापन
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद स्पष्ट किया कि यह राशि बेदखली याचिका की सुनवाई के दौरान बकाया किराये के रूप में जमा करवाई गई थी। अब याचिका का अंतिम निपटारा हो चुका है, इसलिए इस जमा राशि पर केवल दुकान मालिक का अधिकार है। अदालत ने कहा कि किराएदार को इस राशि पर अपना दावा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
विज्ञापन
राम धन बनाम अमृत पाल मामले में अदालत ने जमा राशि पर अर्जित ब्याज सहित पूरी रकम मकान मालिक राम धन के पक्ष में जारी करने के निर्देश दिए हैं। दुकान मालिक ने अदालत में आवेदन दायर कर कहा था कि किराएदार ने 31 अक्तूबर 2022 को किराये के बकाया के रूप में 1,14,500 रुपये अदालत में जमा करवाए थे।
विज्ञापन
बेदखली याचिका का अंतिम फैसला दो दिसंबर 2025 को हो चुका है, इसलिए यह राशि उन्हें जारी की जानी चाहिए। वहीं, किराएदार ने इस आवेदन का विरोध करते हुए तर्क दिया था कि दुकान में रखा उसका सामान मालिक ने वापस नहीं किया है। इसके चलते वह पांच लाख रुपये मुआवजे का हकदार है। किराएदार ने अलग से आवेदन दायर कर अदालत में जमा राशि को भी अपने पक्ष में जारी करने की मांग उठाई थी।
विज्ञापन
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद स्पष्ट किया कि यह राशि बेदखली याचिका की सुनवाई के दौरान बकाया किराये के रूप में जमा करवाई गई थी। अब याचिका का अंतिम निपटारा हो चुका है, इसलिए इस जमा राशि पर केवल दुकान मालिक का अधिकार है। अदालत ने कहा कि किराएदार को इस राशि पर अपना दावा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को विवादास्पद नागरिकता डेटाबेस के उपयोग की स्वीकृति दी
- सुप्रीम कोर्ट ने SAVE डेटाबेस के इस्तेमाल को मंजूरी दी, ट्रम्प प्रशासन को राहत
- कानून का सही उपयोग: बहादुरपुर में एससी-एसटी अधिनियम पर बैठक
- सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की याचिका खारिज की, आदेश से नहीं थोप सकते भाषा
- एपी हाई कोर्ट ने अमरावती को राजधानी मानने के बाद तीन‑राजधानी प्रस्ताव को निरर्थक घोषित किया
- सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं रोका SIR?
- महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह की बरी को चुनौती, दिल्ली कोर्ट में दायर की अपील
- ICU सुधार में नया कदम: कोर्ट ने बुनियादी ढाँचा 9 महीने, स्टाफिंग 6 महीने में पूरा करने का आदेश

