कासगंज में राष्ट्रीय लोक अदालत ने सुलह‑समझौते से कई परिवारिक, वित्तीय और छोटे आपराधिक मामलों का त्वरित निपटारा किया
शनिवार को कासगंज कोर्ट में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने आपसी समझौते के माध्यम से पारिवारिक‑वैवाहिक विवाद, चेक बाउंस (धारा 138) के केस, मोटर दुर्घटना मुआवजा, उत्तराधिकार, भूमि‑राजस्व व स्टाम्प आदि के साथ बैंक, बिजली और टेलीफोन से जुड़े छोटे विवादों को शीघ्र निपटाया। अधिकारियों ने लंबित मामलों की संख्या घटाने के लिए इस सुलह‑आधारित प्रक्रिया को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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कासगंज में राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह से मामलों का निपटारा:परिवार और चेक बाउंस से छोटे आपराधिक केस तक निपटाए जा रहे
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कासगंज न्यायालय में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य लोगों को आसान और जल्द न्याय दिलाने के साथ आपसी सुलह-समझौते के जरिए लंबित मामलों का निस्तारण करना है। लोक अदालत के आयोजन के दौरान न्यायालय परिसर में रंगोली भी बनाई गई।
सुबह से ही अलग-अलग मामलों से जुड़े लोग न्यायालय पहुंचे। यहां विभिन्न श्रेणी के मामलों को दोनों पक्षों की सहमति से खत्म कराने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इससे लोगों को लंबे समय तक चलने वाली कानूनी प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक और वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। इसके साथ मोटर दुर्घटना में मुआवजे से संबंधित याचिकाएं भी सुनवाई के लिए रखी गई हैं। चेक बाउंस के मामले, परक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के तहत केस और शिकायत से जुड़े मामलों का भी आपसी सहमति से निपटारा किया जा रहा है। उत्तराधिकार और दीवानी मामलों के साथ छोटे आपराधिक मामलों को भी लोक अदालत में शामिल किया गया है।
भू-राजस्व, स्टाम्प और चकबंदी के केस भी शामिल
लोक अदालत में भू-राजस्व, स्टाम्प और चकबंदी से जुड़े मामलों की भी सुनवाई हो रही है। संबंधित पक्षों के बीच सहमति बनने पर मामलों का निस्तारण किया जा रहा है। इसके अलावा छोटे विवादों को लंबे समय तक अदालत में चलने से बचाने के लिए पक्षकारों को समझौते का विकल्प दिया गया है। लोक अदालत में दोनों पक्षों की सहमति को प्राथमिकता दी जा रही है।
बैंक, बिजली और टेलीफोन के विवाद भी सुलझेंगे
राष्ट्रीय लोक अदालत में राशन कार्ड, वोटर कार्ड और श्रम विभाग से जुड़े मामलों के साथ मनरेगा और जनहित गारंटी अधिनियम से संबंधित मामलों के निस्तारण की भी व्यवस्था की गई है। बैंक, बिजली और टेलीफोन से जुड़े विवाद भी आपसी सहमति से सुलझाए जा रहे हैं। लोक अदालत में समझौते के जरिए मामले खत्म होने से लोगों को समय और खर्च दोनों की बचत होती है।
अधिकारियों ने ज्यादा से ज्यादा मामले निपटाने पर दिया जोर
आयोजन के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कासगंज की सचिव शालिनी विधेय, राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी और एससी/एसटी एक्ट की विशेष न्यायाधीश जेबा मजीद मौजूद रहीं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश रामेश्वर भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने लोक अदालत के जरिए अधिक से अधिक लंबित मामलों को आपसी सुलह-समझौते से निपटाने पर जोर दिया।
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