सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में खुद को पेश करने के मामले में सुकेश चंद्रशेखर दोषी करार
सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में खुद को पेश करने के मामले में सुकेश चंद्रशेखर दोषी करार दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुख्यात महाठग सुकेश चंद्रशेखर को साल 2017 के एक मामले में दोषी करार दिया है. Published : August 26, 2026…

सौजन्य से:- ETV Bharat
सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में खुद को पेश करने के मामले में सुकेश चंद्रशेखर दोषी करार
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुख्यात महाठग सुकेश चंद्रशेखर को साल 2017 के एक मामले में दोषी करार दिया है.
Published : August 26, 2026 at 9:33 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने महाठग सुकेश चंद्रशेखर को साल 2017 के एक सनसनीखेज मामले में दोषी करार दिया है. सुकेश चंद्रशेखर पर खुद को सुप्रीम कोर्ट का जज बताकर भ्रष्टाचार निरोधक कानून (PCA) के एक विशेष न्यायाधीश को प्रभावित करने और धमकी देने का आरोप था.
चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हर्षिता मिश्रा ने आरोपी के इस कृत्य को न्यायिक मर्यादा का अपमान बताते हुए दोषी ठहराने का आदेश जारी किया. अदालत 27 अगस्त को चंद्रशेखर को सजा सुनाएगी. कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर को भारतीय दंड संहिता की धारा 170, 189 और 507 के तहत दोषी माना.
सुकेश पर आरोप है कि जब वह पुलिस हिरासत में था, तब उसने कथित तौर पर एक कांस्टेबल (मनजीत) के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया. कांस्टेबल मनजीत के मोबाइल फोन से उसने भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई कर रहे स्पेशल जज के आधिकारिक लैंडलाइन नंबर पर संपर्क किया. कोर्ट ने कांस्टेबल की भूमिका की दोबारा जांच करने का भी निर्देश दिया.
कोर्ट ने कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि सुकेश चंद्रशेखर मनजीत के फोन तक कैसे पहुंचा और इस पूरी साजिश में कांस्टेबल मनजीत की क्या भूमिका थी. सुकेश चंद्रशेखर ने पहले सुप्रीम कोर्ट के जज के सचिव और बाद में खुद सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर पहचान बताई. सुकेश पर आरोप है कि उसने कथित तौर पर स्पेशल जज पर जमानत देने के लिए दबाव बनाने और न्यायिक परिणाम प्रभावित करने की कोशिश की.
कोर्ट ने कहा कि यह महज गलत पहचान या एक फोन कॉल नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को प्रभावित करने की सुनियोजित और कैलक्यूलेटेड कोशिश थी. कोर्ट ने कहा कि जज के रूप में खुद का उपयोग करना न्यायिक संस्था के अधिकार और विश्वसनीयता को हड़पने का प्रयास था.
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