देश में एक समान कानून की आवश्यकता पर जोर
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी धर्मों के लिए एक समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है, जिसका उद्देश्य देश में सभी नागरिकों के लिए समान कानून लाना है। राज्य सरकार इस संबंध में विधानसभा के आगामी सत्र में एक बिल पेश करने की योजना बना रही है।

सौजन्य से:- Hindustan
सभी धर्मों के लिए एक समान कानून की जरूरत : मोहन यादव
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी धर्मों के लिए समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यूसीसी से देश में सभी लोगों के लिए समान कानून होना चाहिए। विधानसभा के मानसून सत्र में इस पर एक बिल लाने की योजना है। एक समिति ने आदिवासियों को यूसीसी से बाहर रखने की सिफारिश की है।
इंदौर, एजेंसी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बुधवार को सभी धर्मों के लिए एक समान नागरिक संहिता (यूसीसी) की वकालत की। उन्होंने कहा कि अगर रामचंद्र नाम का व्यक्ति एक बार शादी करता है, तो रहीम नाम के व्यक्ति से भी केवल एक बार शादी करने की उम्मीद की जा सकती है। मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार 20 जुलाई से शुरू होने वाले राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में यूसीसी पर एक बिल लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इंदौर जिला अस्पताल की 83.13 करोड़ रुपये की लागत से बनी 300 बिस्तरों वाली नई इमारत के उद्घाटन समारोह में यादव ने कहा कि देश में अलग-अलग धर्मों के लोगों के लिए अलग-अलग कानून नहीं होने चाहिए।
मध्य प्रदेश के लिए यूसीसी का मसौदा तैयार करने के लिए गठित एक समिति ने सोमवार को मुख्यमंत्री को अपनी रिपोर्ट सौंपी, जिसे बाद में कानून विभाग को भेज दिया गया। सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाले पैनल की रिपोर्ट में आदिवासियों को यूसीसी के दायरे से बाहर रखने की सिफारिश की गई है। इस पैनल को शादी, तलाक, गुजारा भत्ता, विरासत, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विभिन्न व्यक्तिगत और पारिवारिक मामलों से संबंधित मौजूदा प्रणालियों का अध्ययन करने का काम सौंपा गया था।
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