सिक्किम के जज ने हाईकोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, बदले की कार्रवाई का आरोप
सिक्किम के जिला जज प्रज्वल खतिवाड़ा ने अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के विरुद्ध याचिका दायर की, जिसमें उन्होंने 12 अगस्त को जारी किए गए कारण‑बताओ नोटिस को चुनौती दी है। वे बताते हैं कि हाईकोर्ट के एक जज के खिलाफ शिकायत करने के बाद उन्हें अचानक तबादला, सुरक्षा कवर हटाना और विजिलेंस जांच जैसी प्रशासनिक कार्रवाईयों का सामना करना पड़ा, और उनकी वार्षिक मूल्यांकन रिपोर्ट भी गायब हो गई।

सौजन्य से:- Navbharat Times
सिक्किम के एक मौजूदा ज़िला जज ने सुप्रीम कोर्ट में सिक्किम हाईकोर्ट के खिलाफ याचिका दायर की है। जज प्रज्वल खतिवाड़ा का कहना है कि उनके खिलाफ कार्रवाई तब शुरू हुई जब उन्होंने हाईकोर्ट के एक मौजूदा जज के खिलाफ शिकायत की थी, जो बाद में एक्टिंग चीफ जस्टिस बने। उन्होंने यह आरोप लगाया है कि विजिलेंस की कार्रवाई बदले की भावना से की गई है।
नई दिल्ली: पूर्वोत्तर के एक राज्य सिक्किम के जिला जज ने हाई कोर्ट के एक फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जज प्रज्वल खतिवाड़ा का आरोप है कि हाईकोर्ट के एक तत्कालीन जज (जो अब रिटायर हो चुके हैं) के खिलाफ शिकायत करने के बाद उन्हें लगातार परेशान किया गया और बदले की भावना से पूछताछ और जांच जैसे विजिलेंस एक्शन का सामना करना पड़ा।
सुप्रीम कोर्ट में सिक्किम जज ने अनुच्छेद 32 के तहत दी अर्जी
सिक्किम के मंगन के जिला और सत्र न्यायाधीश प्रज्वल खतिवाड़ा ने अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट यह रिट याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने सिक्किम हाईकोर्ट द्वारा 12 अगस्त को उन्हें जारी किए गए ' कारण बताओ नोटिस ' को चुनौती दी है।
याचिका में सिक्किम हाई कोर्ट, उसके रजिस्ट्रार (विजिलेंस), विजिलेंस इंस्पेक्टर शरद सुब्बा और सिक्किम राज्य को प्रतिवादी बनाया गया है।
जज प्रज्वल खतिवाड़ा ने अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट यह रिट याचिका दायर की है। इसमें उन्होंने सिक्किम हाईकोर्ट द्वारा 12 अगस्त को उन्हें जारी किए गए 'कारण बताओ नोटिस' को चुनौती दी है।
रिपोर्ट
2005 के सिक्किम न्यायिक सेवा परीक्षा के टॉपर रहे हैं जज खतिवाड़ा
खतिवाड़ा ने सिक्किम की राज्य न्यायिक सेवा परीक्षा में टॉप करने के बाद 2005 में सिक्किम न्यायिक सेवा में नौकरी शुरू की थी। मंगन में पोस्टिंग से पहले उन्होंने फरवरी 2023 से दिसंबर 2025 तक हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के तौर पर काम किया।
याचिका के अनुसार, परेशानी तब शुरू हुई जब खतिवाड़ा ने 12 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट के एक तत्कालीन जज के खिलाफ दुर्व्यवहार और अपमान का आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्रतियां भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ न्यायाधीशों को भेजी गई थीं।
जज खतिवाड़ा ने 12 दिसंबर 2025 को हाई कोर्ट के एक तत्कालीन जज के खिलाफ दुर्व्यवहार और अपमान का आरोप लगाते हुए औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्रतियां भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के चार सबसे वरिष्ठ न्यायाधीशों को भेजी गई थीं।
रिपोर्ट
जिसके खिलाफ शिकायत, वो बना कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
जिस हाई कोर्ट जज की बात हो रही है, उन्हें कुछ दिनों बाद ही पिछले मुख्य न्यायाधीश के पद छोड़ने के बाद 15 दिसंबर 2025 से सिक्किम हाई कोर्ट का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नियुक्त कर दिया गया।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि उस समय के बाद से, कई प्रशासनिक कार्रवाइयों के जरिए खतिवाड़ा को निशाना बनाया गया। इनमें उनका अचानक तबादला, सुरक्षा कवर हटाना, उनके निजी मामलों के बारे में उनके मातहत कर्मचारियों से पूछताछ और उनके खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू करना शामिल है।
जज प्रज्वल खतिवाड़ा ने याचिका में आरोप लगाया है कि उस समय के बाद से कई प्रशासनिक कार्रवाइयों के जरिए खतिवाड़ा को निशाना बनाया गया। इनमें उनका अचानक तबादला, सुरक्षा कवर हटाना, उनके निजी मामलों के बारे में उनके मातहत कर्मचारियों से पूछताछ और उनके खिलाफ विजिलेंस जांच शुरू करना शामिल है।
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जज खतिवाड़ा की ACR रिपोर्ट ही गायब हो गई
जज खतिवाड़ा ने भारत के राष्ट्रपति को संबोधित 19 दिसंबर 2025 की एक गुमनाम शिकायत का भी जिक्र किया है, जिसमें उन पर और उनके परिवार के सदस्यों पर गंभीर और अपमानजनक आरोप लगाए गए थे।
याचिका में कहा गया है कि खतिवाड़ा की अप्रैल से दिसंबर 2025 की 'एनुअल कॉन्फिडेंशियल रिपोर्ट' (ACR) गायब हो गई है। यह एक जज के काम का मूल्यांकन दिखाती है। साथ ही, इसे जमा करने के बावजूद इसे जमा न करने के लिए उन पर नया आरोप लगाया गया।
वह 10 जुलाई के आरोपों के बयान (जिसमें उन पर 22 आरोप लगाए गए थे) और 12 अगस्त के 'शो कॉज़ नोटिस' (जिसमें उनके जवाब को असंतोषजनक बताया गया था) को चुनौती दे रहे हैं।
खतिवाड़ा ने विजिलेंस इंस्पेक्टर की शिकायत की
खतिवाड़ा ने 'शो कॉज नोटिस' और आरोपों के बयान को रद्द करने, उन सभी सबूतों को सामने लाने जिन पर भरोसा किया गया है, गायब ACR की जांच और किसी भी सख्त कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने विजिलेंस इंस्पेक्टर शरद सुब्बा के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है, जिनके खिलाफ उन्होंने पहले शिकायत दर्ज कराई थी।
लेखक के बारे मेंदिनेश मिश्रदिनेश मिश्र, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर और एक्सप्लेनर एक्सपर्ट हैं। वे अप्रैल-2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। दिनेश मिश्र NBT डिजिटल में एक्सप्लेनर और स्पेशल स्टोरीज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये एक्सप्लेनर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय, बिजनेस और एंटरटेनमेंट समेत किसी भी कैटेगरी की खबरों से जुडे होते हैं, जिसमें दिनेश मिश्र रणनीतिक रूप से डीप डाइव, रिसर्च, वैल्यु एड, एक्सपर्ट कमेंट्स जैसी जरूरी बातें शामिल होती हैं। इन एक्सप्लेनर को लेकर वीडियो भी करते हैं। साथ ही NBT डिजिटल के स्थायी कॉलम मंडे मोटिवेशन, ट्यूजडे ट्रीविया और वेडनेसडे बिग टिकट के लिए डीप डाइव रोचक स्टोरी भी लिखते हैं। वह हर एक्सप्लेनर स्टोरी में सटीक संपादन के साथ-साथ रियल टाइम का ध्यान रखते हैं। इसके अलावा, वे गूगल ट्रेंड से जुड़ी स्टोरीज भी करते आए हैं, जो अहम टास्क है।
दिनेश मिश्र ने प्रयागराज महाकुंभ की ग्राउंड कवरेज की है। साथ ही 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान खबरों को डेस्क और ग्राउंड दोनों से कवर किया है। 2025 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ स्टेट असेंबली इलेक्शंस (हालिया महाराष्ट्र और बिहार चुनाव) के दौरान भी डेस्क से ओपिनियन पीस लिखने के साथ-साथ रियल टाइम एक्सप्लेनर भी किए। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों के खिलाफ एनबीटी फैक्ट चेक भी करते रहे हैं।
दिनेश मिश्र अपने करीब 16 साल के कॅरियर के दौरान प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में डेस्क, ग्राउंड रिपोर्टिंग और इंटरव्यू करने के साथ अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। हिंदी और गीत-संगीत में दखल रखने वाले दिनेश मिश्र ने कई किताबों की समीक्षा भी की। दिनेश मिश्र ने जाने-माने गीतकार गुलजार और गोपालदास नीरज का इंटरव्यू किया, हिंदी के महान कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला के अनुभवों को लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की। दिनेश मिश्र ने शोले के निर्माता-निर्देशक रमेश सिप्पी का इंटरव्यू भी किया। वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर का इमरजेंसी के अनुभव पर इंटरव्यू किए और 1996 से लेकर 2001 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे नरेश चंद्रा का भी इंटरव्यू किया है। इसके अलावा, हिंदी के बड़े लेखक गिरिराज किशोर और विश्वनाथ त्रिपाठी का इंटरव्यू भी किए।
नेशनल-इंटरनेशनल, बिजनेस और एंटरटेनमेंट की खबरों को लेकर मीडिया और सोशल मीडिया पर नजर रहती है। पहली प्राथमिकता है किसी भी खबर की सच्चाई के साथ विश्लेषण करना। इसके बाद उसका असर कहां और कितना पड़ेगा, इसे लेकर भी अवेयर रहते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव
दिनेश मिश्र का पत्रकारिता का कॅरियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक जागरण, नोएडा के सेंट्रल डेस्क के साथ साल 2010 में शुरू हुआ। इसके बाद से यह सफर 2013 में अमर उजाला, नोएडा से होता हुआ 2016 में राजस्थान पत्रिका के नेशनल इंटीग्रेटेड कंटेंट स्टेशन, नोएडा तक पहुंचा, जहां अखबार के साथ-साथ डिजिटल, टीवी और तीनों ही प्लेटफॉर्म पर एकसाथ काम किए। इसके बाद दिनेश मिश्र ने फिर 2019 में अमर उजाला में लौटे, जहां से 2021 में दैनिक भास्कर के डीबी डिजिटल में काम किया और एक्सप्लेनर और डीप डाइव-रिसर्च और स्पेशल स्टोरीज की बारीकियां सीखीं। इसके बाद अप्रैल, 2024 में दिनेश मिश्र देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह टाइम्स ऑफ इंडिया के नवभारत टाइम्स से जुड़े।
दिनेश मिश्र ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, हरियाणा से पत्रकारिता से एमए किया। उससे पहले महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा से पत्रकारिता में डिप्लोमा किया। उससे भी पहले वो समाज शास्त्र से भी एमए कर चुके हैं। दिनेश मिश्र ने संघ लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा भी दी है और उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन की कई परीक्षाएं भी दीं। इसके अलावा, मिनिस्ट्री ऑफ सोशल जस्टिस एंड एमपावरमेंट के एक रिसर्च प्रोग्राम 6 महीने का सर्टिफिकेट कोर्स इन जेरियाट्रिक केयर भी किया है।... और पढ़ें
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