संदिग्ध विदेशी पर कानूनी शिकंजा कसता, पहचान छिपाने की आशंका
सोनौली सीमा पर दबोचे गए संदिग्ध विदेशी पर पुलिस का कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने असली पहचान छिपाने, बार-बार बयान बदलकर जांच एजेंसियों को गुमराह करने की आशंका के बीच भारतीय न्याय संहिता की तीन और गंभीर धाराएं बढ़ा दी हैं।

सौजन्य से:- Hindustan
पहचान छिपाने के फेर में फंसे संदिग्ध विदेशी नागरिक पर कानून का शिकंजा
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। भारत से नेपाल में अवैध प्रवेश के दौरान सोनौली सीमा
महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। भारत से नेपाल में अवैध प्रवेश के दौरान सोनौली सीमा से दबोचे गए संदिग्ध विदेशी नागरिक के मामले में पुलिस का कानूनी शिकंजा और कसता जा रहा है। असली पहचान छिपाने, बार-बार बयान बदलकर जांच एजेंसियों को गुमराह करने व फर्जी पहचान का सहारा लेने की आशंका के बीच पुलिस ने विवेचना के दौरान मामले में भारतीय न्याय संहिता की तीन और गंभीर धाराएं बढ़ा दी है।
सोनौली कोतवाली में दर्ज मुकदमा
सोनौली कोतवाली में दर्ज पूर्व मुकदमे में 21/23 आव्रजन एवं विदेशी अधिनियम 2025 में अब विवेचक की जांच के आधार पर छद्मवेश धारण कर छल करने, जालसाजी/कूटरचना, पहचान छिपाना व फर्जी दस्तावेज/पहचान का इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस बीएनएस की धारा बढ़ोतरी कर दी है।
बयान बदलने पर पुलिस का कड़ा रुख
सूत्रों के मुताबिक आरोपी पुलिस रिमांड और पूछताछ के दौरान कभी खुद को अमेरिकी नौसेना का पूर्व जवान बताता है तो कभी अपनी नागरिकता यूके ब्रिटेन की बता रहा है। भाषा की बाधा व बार-बार बयान बदलने के कारण पुलिस व जांच एजेंसियां अब पूरी तरह से डिजिटल व वैज्ञानिक साक्ष्यों पर निर्भर हो गई हैं। मूल पासपोर्ट अब तक बरामद न होने के कारण पुलिस ने इन धाराओं का सहारा लिया है। जिससे अदालत में उसके फर्जीवाड़े व आपराधिक मंशा को साबित किया जा सके।
तकनीक के सहारे पहचान उजागर करने की कसरत
सूत्रों के मुताबिक उसकी असली पहचान, नाम व नागरिकता का सटीक पता लगाने के लिए पुलिस आरोपी के फिंगरप्रिंट व फेशियल स्कैन का मिलान इमीग्रेशन डेटाबेस से कराने में जुटी है। एजेंसियां दिल्ली व मुंबई एयरपोर्ट्स के इमीग्रेशन रिकॉर्ड को खंगाल रही हैं। जिससे यह पता चल सके कि वह किस पासपोर्ट या वीजा से भारत में दाखिल हुआ था। इसके अलावा उसके बायोमेट्रिक डेटा का मिलान अंतर्राष्ट्रीय पुलिस संगठन (इंटरपोल) व वैश्विक वॉचलिस्ट से भी कराया जा रहा है।
अदालत में पेशी पर निगाहें
जेल में बंद इस हाई-प्रोफाइल संदिग्ध की अगली अदालती पेशी 6 अगस्त को मुकर्रर की गई है। माना जा रहा है कि 6 अगस्त को पेशी के दौरान पुलिस कोर्ट के समक्ष अब तक की जांच प्रगति रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्य और बढ़ाई गई धाराओं के संदर्भ में अपना पक्ष रखेगी। अधिकारी आधिकारिक तौर पर चुप्पी साधे हुए हैं, लेकिन उसकी असली पहचान का पर्दाफाश करने के लिए तकनीकी जांच तेज कर दी गई है。
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