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क़ानून के पथ पर, धामी ने धमकी को जर्जर किया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की कि प्रदेश में अब कानून का राज है और अतिक्रमण तथा अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने एक धर्मगुरु द्वारा दी गई धमकी पर कड़ी कार्रवाई की प्रतिज्ञा की और कहा कि ऐसे लोगों को खोज कर सख्त सजा दी जाएगी। इस बीच, सरकार ने 13,000 एकड़ से अधिक जमीन को कब्जामुक्त कर लिया है।

28 अगस्त 2026 को 01:31 pm बजे
क़ानून के पथ पर, धामी ने धमकी को जर्जर किया

सौजन्य से:- Hindustan

धमकी देने का जमाना गया, प्रदेश में अब कानून का राज : धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित है। अतिक्रमण और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने एक धर्मगुरु द्वारा दी गई धमकी पर कड़ी कार्रवाई का वादा किया और कहा कि ऐसे लोगों को ढूंढकर सख्त सजा दी जाएगी।

खटीमा, संवाददाता। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धमकी देने का जमाना चला गया है। प्रदेश में अब कानून का राज है। अतिक्रमण और अवैध कब्जे हटाने का अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकारी और सार्वजनिक जमीनों को कब्जामुक्त नहीं करा लिया जाता। धमकी देने वाले मौलाना को प्रशासन ढूंढ़ेगा और संविधान के अनुरूप सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को देवीधुरा, चम्पावत जाने से पहले लोहियाहेड हेलीपैड पर पत्रकारों से वार्ता में मुख्यमंत्री ने ये बातें कहीं। रुद्रपुर में बारावफात के जुलूस के दौरान एक धर्मगुरु का कथित वीडियो वायरल हुआ है। इसमें मदरसों को बंद करने पर चेतावनी देने और ईदगाह की जमीन वापस करने की मांग किए जाने की बात सामने आई है।

मुख्यमंत्री ने इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं, बल्कि ऐसी विचारधारा का प्रतीक है, जो अतिक्रमण करती है और संविधान को नहीं मानती। उन्होंने कहा कि अब वह दौर नहीं है, जब धमकी देकर सरकारों पर दबाव बनाया जाता था और वोटों के लिए तुष्टीकरण किया जाता था। सरकार बदल चुकी है और प्रदेश में कानून का राज स्थापित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में कानून और व्यवस्था का राज स्थापित हुआ है। संविधान में किए गए प्रावधानों के अनुरूप ही काम किया जा रहा है। उत्तराखंड में धमकी की राजनीति नहीं चलेगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का बयान देने वाला व्यक्ति जहां भी होगा, प्रशासन उसे ढूंढ़ेगा और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। धामी ने कहा कि राज्य में अब तक 13 हजार एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण से मुक्त कराई जा चुकी है। उत्तराखंड में अतिक्रमण और अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि को अतिक्रमण और अवैध कब्जों से मुक्त कराने के लिए कार्रवाई संविधान और कानून के दायरे में की जाएगी।

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