श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद: लोक अदालत में नहीं पहुंचा मुस्लिम पक्ष, सुलह की कोशिश नाकाम
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद में समझौते की कोशिश फिलहाल असफल रही. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विशेष लोक अदालत में दोनों पक्षों को सुलह वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन मुस्लिम पक्ष के मौजूद नहीं होने की वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी.

सौजन्य से:- AajTak
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मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में समझौते की कोशिश फिलहाल असफल रही. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर विशेष लोक अदालत में दोनों पक्षों को सुलह वार्ता के लिए बुलाया गया था, लेकिन मुस्लिम पक्ष के मौजूद नहीं होने की वजह से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी. इसके बाद अदालत ने सुलह प्रक्रिया विफल होने का आदेश पारित कर दिया.
इस विवाद से जुड़ी सात विशेष अनुमति याचिकाएं (SLP) सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मथुरा की विशेष लोक अदालत भेजी गई थीं. इन याचिकाओं में मांग की गई थी कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने की कोशिश की जाए.
मुस्लिम पक्ष नहीं पहुंचा कोर्ट
विशेष लोक अदालत में एडीजे-11 सुरेंद्र प्रसाद की अदालत में सुलह वार्ता की प्रक्रिया शुरू हुई. इस दौरान हिंदू पक्ष के वादी अदालत पहुंचे, लेकिन मुस्लिम पक्ष की ओर से कोई भी मौजूद नहीं हुआ. इसी वजह से बातचीत नहीं हो सकी और सुलह की कोशिश अधूरी रह गई. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की रिपोर्ट मिलने के बाद अदालत ने सुलह वार्ता विफल होने का आदेश पारित कर दिया. यानी फिलहाल इस विवाद का समाधान आपसी बातचीत के जरिए नहीं हो सका.
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हिंदू पक्षकारों में से एक महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर से जुड़े इस पूरे विवाद में अब तक कुल 18 मुकदमे दायर किए जा चुके है. इन सभी मामलों की मुख्य सुनवाई इस वक्त इलाहाबाद हाई कोर्ट में चल रही है. पिछले दिनों सात विशेष अनुमति याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में लगाई गई थीं, जिसके बाद ही कोर्ट ने लोक अदालत के जरिए समझौते का यह प्रयास करने को कहा था. फिलहाल कोर्ट के इस नए आदेश के बाद अब यह साफ हो गया है कि बातचीत के जरिए हल निकालने की इस शुरुआती कोशिश को झटका लगा है.
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