सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराज ट्रंप, कहा- कानून लाकर जन्म से नागरिकता खत्म करेंगे
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्म से नागरिकता का अधिकार बरकरार रखा है, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे गलत बताया है. ट्रंप ने कांग्रेस से कहा है कि वे तुरंत विधेयक लाएं और इस व्यवस्था को बदलें.

सौजन्य से:- ABP News
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्म से नागरिकता का अधिकार बरकरार रखा तो भड़के ट्रंप, बोले- 'नया कानून लाकर...'
डोनाल्ड ट्रंप ने जन्म से नागरिकता को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताई है. ट्रंप ने कांग्रेस से तुरंत विधेयक लाने की अपील की और पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया.
अमेरिका में जन्म से नागरिकता को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है. अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने जन्म के आधार पर नागरिकता के सिद्धांत को बरकरार रखा है. इस फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका के लिए अच्छी बात नहीं है, लेकिन उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस में कानून लाकर इस व्यवस्था को बदला जा सकता है.
ट्रंप ने फैसले पर जताई नाराजगी
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने जन्म से नागरिकता को बरकरार रखा है, जो हमारे देश के लिए बहुत खराब है लेकिन हम कांग्रेस में कानून बनाकर इसे आसानी से बदल सकते हैं. किसी लंबे संवैधानिक संशोधन की जरूरत नहीं है. कांग्रेस को आज से ही इस महंगी और देश के लिए अनुचित व्यवस्था को खत्म करने पर काम शुरू करना चाहिए. उन्हें मेरा पूरा समर्थन मिलेगा.”
क्या था ट्रंप का आदेश?
यह मामला उस कार्यकारी आदेश से जुड़ा था जिसे ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल के पहले दिन हस्ताक्षर कर जारी किया था. इस आदेश का उद्देश्य उन बच्चों को अमेरिकी नागरिकता देने से रोकना था जिनके माता-पिता अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हों या अस्थायी वीजा पर मौजूद हों. सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए कहा कि अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले लगभग सभी बच्चों को नागरिकता का अधिकार मिलेगा. इससे पहले निचली अदालतें भी ट्रंप के आदेश पर रोक लगा चुकी थीं.
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने क्या कहा?
मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने बहुमत का फैसला लिखते हुए कहा कि अमेरिका में जन्मे वे बच्चे जिनके माता-पिता अवैध या अस्थायी रूप से देश में मौजूद हैं, अमेरिकी कानून के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म के समय ही नागरिक बन जाते हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले से यह भी कहा कि जन्म से नागरिकता की व्यवस्था बदलने के लिए संविधान में संशोधन की आवश्यकता पड़ सकती है. अदालत ने 14वें संशोधन का हवाला देते हुए कहा कि बहुत सीमित अपवादों को छोड़कर अमेरिका में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति नागरिक है.
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जस्टिस डिपार्टमेंट का बयान
अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि वह अवैध “बर्थ टूरिज्म” योजनाओं पर कार्रवाई जारी रखेगा. विभाग ने कहा कि कानून का दुरुपयोग कर बच्चों के लिए स्वत: नागरिकता हासिल करने की कोशिश करने वाले लोग राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जन्म से नागरिकता खत्म करने वाला यह आदेश ट्रंप प्रशासन की व्यापक इमिग्रेशन सख्ती का हिस्सा था. यह ट्रंप की दूसरी पारी की उन प्रमुख नीतियों में शामिल था जो अंतिम फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचीं.
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