दिल्ली में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला, नए जिलों में मजिस्ट्रेट शक्तियां
दिल्ली के उप-राज्यपाल ने राजधानी के पुनर्गठित जिलों में सुचारू कामकाज और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व अधिकारियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां सौंपने की मंजूरी दे दी है।

सौजन्य से:- Navbharat Times
दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला, नए जिलों के राजस्व अधिकारियों को मिलीं मजिस्ट्रेट की शक्तियां
Edited by: दीपांशु|भाषा•
दिल्ली के उप-राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी के पुनर्गठित जिलों में सुचारू कामकाज और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजस्व अधिकारियों को कार्यकारी मजिस्ट्रेट की शक्तियां सौंपने की मंजूरी दे दी है।
बीएनएसएस के तहत लिया फैसला
लोक निवास के अधिकारियों ने बताया कि ये अधिकार जिला मजिस्ट्रेट, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, राजस्व सहायकों, तहसीलदारों और चकबंदी अधिकारियों को उनके संबंधित पुनर्गठित अधिकार-क्षेत्रों में सौंपे जाएंगे। यह फैसला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 14 के तहत लिया गया, जिसने पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता की जगह ली है।राज्य सरकार को देती है अधिकार
यह धारा राज्य सरकार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट और जिलाधिकारी/अतिरिक्त जिलाधिकारी नियुक्त करने तथा उपमंडल के प्रभारी के तौर पर मजिस्ट्रेट तैनात करने का अधिकार देती है। गृह मंत्रालय की 28 जून, 2024 की एक अधिसूचना के अनुसार, बीएनएसएस (धारा 523 को छोड़कर) के तहत राज्य सरकार की शक्तियां और कार्य दिल्ली के उप-राज्यपाल को सौंप दिए गए हैं।दिल्ली के जिलों का हुआ पुनर्गठन
अधिकारियों ने बताया कि 25 दिसंबर, 2025 को राजस्व विभाग द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के जरिए दिल्ली के जिलों का पुनर्गठन किया गया था। इसके बाद, नए बने जिलों में सुचारू प्रशासनिक कामकाज, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और जन-सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इन मजिस्ट्रेट शक्तियों को औपचारिक रूप से सौंपना जरूरी हो गया था। सीएम गुप्ता और मंत्री आशीष सूद पहले ही दे चुके मंजूरी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और गृह मंत्री आशीष सूद ने उपराज्यपाल को सिफारिश करने से पहले इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल की औपचारिक मंज़ूरी मिलने के बाद, सरकार अब बीएनएसएस की धारा 14 के तहत एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करेगी।कन्वर्सेशन शुरू करें
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