सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट न्यायिक अधिकारी की रिपोर्ट न भेजने पर प्रारम्भिक जांच का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने तीन बार निर्देश के बावजूद इलाहाबाद हाईकोर्ट के संबंधित न्यायिक अधिकारी द्वारा रिपोर्ट न भेजे जाने पर प्रारम्भिक जांच का आदेश दिया है। यह मामला एक संपत्ति से प्रतिवादियों को बेदखल करने से जुड़ा है, जिसे फरवरी 2020 में एक वर्ष में निपटाने का निर्देश दिया गया था, परन्तु जनवरी 2026 तक मुकदमा अभी भी लंबित था। कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल को 15 दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a9ab4f8cdf7758dba0d111d","slug":"supreme-court-update-disregard-court-directives-case-pending-for-six-years-judicial-officer-to-face-inquiry-2026-09-04","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"सुप्रीम कोर्ट अपडेट: शीर्ष अदालत के निर्देशों की अनदेखी, छह साल से लंबित मुकदमा, न्यायिक अधिकारी पर होगी जांच","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सुप्रीम कोर्ट अपडेट: शीर्ष अदालत के निर्देशों की अनदेखी, छह साल से लंबित मुकदमा, न्यायिक अधिकारी पर होगी जांच
Fri, 04 Sep 2026 05:39 PM IST
अस्मिता त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नई दिल्ली।
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Fri, 04 Sep 2026 05:39 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायिक अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार रिपोर्ट नहीं भेजने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू करने का आदेश दिया है। जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर की पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने तीन बार निर्देश के बावजूद रिपोर्ट नहीं भेजी। मामला एक संपत्ति से प्रतिवादियों को बेदखल करने के मुकदमे से जुड़ा है। फरवरी 2020 में सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को एक साल के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। जनवरी 2026 में कोर्ट ने पाया कि छह साल बाद भी मुकदमा लंबित है।
मई 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने छह महीने में सुनवाई पूरी कर 21 अगस्त तक स्टेटस रिपोर्ट देने को कहा था, लेकिन रिपोर्ट नहीं मिली। अब कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को 15 दिन में प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर न्यायिक अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने पर फैसला होगा।
विज्ञापन
अरावली पर रिपोर्ट के लिए छह महीने और मांगे
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित अरावली हाई-पावर्ड कमेटी ने अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। समिति ने कहा कि अरावली पर्वतमाला का व्यापक और ठोस आकलन करने के लिए वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, भूगर्भीय, जलविज्ञान और सामाजिक पहलुओं की विस्तृत जांच जरूरी है। समिति ने रिपोर्ट जमा करने की नई समयसीमा 28 फरवरी 2027 करने का अनुरोध किया है। उसने 6 से 11 अगस्त के बीच अरावली क्षेत्र का दौरा किया और जनसुनवाई भी की। 26 अगस्त तक समिति को करीब 680 सुझाव और आपत्तियां मिल चुकी थीं। समिति अरावली इकोसिस्टम लैंडस्केप (AEL) ढांचे के जरिए संरक्षण और प्रबंधन के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान करना चाहती है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित अरावली हाई-पावर्ड कमेटी ने अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए छह महीने का अतिरिक्त समय मांगा है। समिति ने कहा कि अरावली पर्वतमाला का व्यापक और ठोस आकलन करने के लिए वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, भूगर्भीय, जलविज्ञान और सामाजिक पहलुओं की विस्तृत जांच जरूरी है। समिति ने रिपोर्ट जमा करने की नई समयसीमा 28 फरवरी 2027 करने का अनुरोध किया है। उसने 6 से 11 अगस्त के बीच अरावली क्षेत्र का दौरा किया और जनसुनवाई भी की। 26 अगस्त तक समिति को करीब 680 सुझाव और आपत्तियां मिल चुकी थीं। समिति अरावली इकोसिस्टम लैंडस्केप (AEL) ढांचे के जरिए संरक्षण और प्रबंधन के लिए अलग-अलग क्षेत्रों की पहचान करना चाहती है।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को विवादास्पद नागरिकता डेटाबेस के उपयोग की स्वीकृति दी
- सुप्रीम कोर्ट ने SAVE डेटाबेस के इस्तेमाल को मंजूरी दी, ट्रम्प प्रशासन को राहत
- कानून का सही उपयोग: बहादुरपुर में एससी-एसटी अधिनियम पर बैठक
- सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की याचिका खारिज की, आदेश से नहीं थोप सकते भाषा
- एपी हाई कोर्ट ने अमरावती को राजधानी मानने के बाद तीन‑राजधानी प्रस्ताव को निरर्थक घोषित किया
- सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं रोका SIR?
- महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह की बरी को चुनौती, दिल्ली कोर्ट में दायर की अपील
- ICU सुधार में नया कदम: कोर्ट ने बुनियादी ढाँचा 9 महीने, स्टाफिंग 6 महीने में पूरा करने का आदेश

