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माता-पिता की संपत्ति से बेदखल हो सकते हैं बच्चे, सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ

माता-पिता की संपत्ति से बेदखल हो सकते हैं बच्चे, सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बढ़ती उम्र में असुरक्षा का हवाला देकर संपत्ति नहीं ली जा सकती। सभ्य समाज का पैमाना अक्सर उस सम्मान, आदर और सुरक्षा से झलक…

20 अगस्त 2026 को 12:55 am बजे
माता-पिता की संपत्ति से बेदखल हो सकते हैं बच्चे, सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ

सौजन्य से:- Hindustan

माता-पिता की संपत्ति से बेदखल हो सकते हैं बच्चे, सुप्रीम कोर्ट ने किया साफ

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बढ़ती उम्र में असुरक्षा का हवाला देकर संपत्ति नहीं ली जा सकती। सभ्य समाज का पैमाना अक्सर उस सम्मान, आदर और सुरक्षा से झलकता है जो वह अपने बुजुर्गों को देता है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में दोहराया है कि ‘माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007’ के तहत गठित ट्रिब्यूनल के पास वरिष्ठ नागरिक की संपत्ति से उनके बच्चों को बेदखल करने का आदेश देने का अधिकार है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि ट्रिब्यूनल अगर माता-पिता के भरण-पोषण, सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए ऐसी बेदखली जरूरी समझे तो आदेश पारित कर सकता है। पीठ ने यह फैसला रविकांत गुप्ता की ओर से दाखिल अपील का निपटारा करते हुए दिया।

क्या है मामला?

लखनऊ के विकासनगर में रहने वाले अपीलकर्ता एक रिहायशी घर के मालिक हैं। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनके बेटे और बहू के खिलाफ जारी बेदखली के आदेशों को रद्द कर दिया गया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि हाईकोर्ट ने बेदखली के आदेश में दखल देकर गलती की क्योंकि यह एक स्थापित कानून है कि ट्रिब्यूनल को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और सुरक्षा के लिए बेदखली का आदेश देने का अधिकार है।

सुप्रीम कोर्ट ने आगे यह भी कहा कि बढ़ती उम्र असुरक्षा का पर्याय नहीं बननी चाहिए। सभ्य समाज का पैमाना अक्सर उस सम्मान, आदर और सुरक्षा से झलकता है जो वह अपने बुजुर्गों को देता है। अलग-अलग संस्कृतियों, धर्मों और सभ्यताओं में, वरिष्ठ नागरिकों को ज्ञान, अनुभव और सामूहिक स्मृति के भंडार के रूप में माना गया है।

लेखक के बारे में

Jagriti Kumariजागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।

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