सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा झटका उद्योगों को, पर्यावरण मंजूरी बिना शुरू नहीं होगा कोई प्रोजेक्ट
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है जिसमें उद्योगों और विकास परियोजनाओं को पहले काम शुरू करने और बाद में पूर्वव्यापी पर्यावरण मंजूरी लेने की अनुमति दी गई थी. अब किसी भी नई परियोजना पर काम शुरू करने से पहले पर्यावरण मंजूरी लेना अनिवार्य होगा.

सौजन्य से:- AajTak
Sign In
Advertisement
X
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के उस नोटिफिकेशन को रद्द कर दिया है, जिसमें उद्योगों और विकास परियोजनाओं को पहले काम शुरू करने और बाद में पूर्वव्यापी (Ex-post facto) पर्यावरण मंजूरी लेने की अनुमति दी गई थी. अदालत ने साफ कहा कि अब किसी भी नई परियोजना पर काम शुरू करने से पहले पर्यावरण मंजूरी लेना अनिवार्य होगा.
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं पर पहले से काम शुरू हो चुका है, उन्हें इस फैसले के कारण नहीं रोका जाएगा. यह फैसला आगे शुरू होने वाली परियोजनाओं पर लागू होगा.
इस मामले में पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करने वाली संस्था 'वनशक्ति' ने केंद्र सरकार के नोटिफिकेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. संस्था का कहना था कि पहले काम शुरू करना और बाद में पर्यावरण मंजूरी लेना पर्यावरण कानूनों की मूल भावना के खिलाफ है.
सुप्रीम कोर्ट ने शुरुआती सुनवाई में भी ऐसी पोस्ट-फैक्टो पर्यावरण मंजूरी को अवैध और पर्यावरण कानूनों के विपरीत माना था. हालांकि बाद में CREDAI समेत रियल एस्टेट और डेवलपर संगठनों ने इस फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर की थी. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की बड़ी पीठ ने 2:1 के बहुमत से पहले के आदेश को वापस ले लिया था.
Advertisement
अब सुप्रीम कोर्ट ने अपने ताजा फैसले में फिर स्पष्ट कर दिया है कि पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अदालत ने कहा कि किसी भी इंडस्ट्री या प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले पर्यावरण से जुड़ी सभी जरूरी मंजूरियां लेना अनिवार्य होगा.
इस फैसले को पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अहम माना जा रहा है. अदालत का मानना है कि पहले परियोजना शुरू कर देना और बाद में मंजूरी लेना कानून के उद्देश्य के खिलाफ है. इसलिए भविष्य में किसी भी नई परियोजना को बिना पर्यावरण मंजूरी के शुरू करने की अनुमति नहीं होगी.
---- समाप्त ----
Latest News in Hindi »
Advertisement
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को विवादास्पद नागरिकता डेटाबेस के उपयोग की स्वीकृति दी
- सुप्रीम कोर्ट ने SAVE डेटाबेस के इस्तेमाल को मंजूरी दी, ट्रम्प प्रशासन को राहत
- कानून का सही उपयोग: बहादुरपुर में एससी-एसटी अधिनियम पर बैठक
- सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की याचिका खारिज की, आदेश से नहीं थोप सकते भाषा
- एपी हाई कोर्ट ने अमरावती को राजधानी मानने के बाद तीन‑राजधानी प्रस्ताव को निरर्थक घोषित किया
- सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं रोका SIR?
- महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह की बरी को चुनौती, दिल्ली कोर्ट में दायर की अपील
- ICU सुधार में नया कदम: कोर्ट ने बुनियादी ढाँचा 9 महीने, स्टाफिंग 6 महीने में पूरा करने का आदेश

