सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट न जमा करने पर कड़ा इशारा किया
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की तीन बार रिपोर्ट न जमा करने पर असंतोष जताया और इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रारम्भिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने इस विषय को 21 सितंबर को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया, तथा 15 दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

सौजन्य से:- livehindustan.com
ट्रायल कोर्ट द्वारा रिपोर्ट जमा न करने पर शीर्ष अदालत नाराज
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा रिपोर्ट जमा न करने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को न्यायिक अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया। ट्रायल कोर्ट तीन बार रिपोर्ट जमा करने में नाकाम रहा है और इस मामले को 21 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा मांगी गई रिपोर्ट जमा न करने पर नाराजगी जताई। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट तीन बार रिपोर्ट जमा करने में नाकाम रहा है। इसके अलावा पीठ यह भी गौर किया कि फरवरी 2020 में, शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह एक संपत्ति से प्रतिवादियों को बेदखल करने के मामले की कार्यवाही एक साल में पूरी करे। अदालत ने कहा कि इस साल जनवरी तक ट्रायल अभी तक पूरा नहीं हुआ था।
पीठ ने ट्रायल कोर्ट से रिपोर्ट मांगी थी, जो न तो 12 फरवरी को और न ही मार्च में भेजी गई। पीठ ने कहा कि यह तीसरी बार है जब संबंधित ट्रायल कोर्ट इस अदालत द्वारा मांगी गई रिपोर्ट जमा करने में नाकाम रहा है। पीठ ने कहा कि इन हालात में, इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया जाता है कि वे संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ शुरुआती जांच शुरू करें और 15 दिनों में इस अदालत को रिपोर्ट भेजें। शीर्ष अदालत ने मामले को 21 सितंबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया। पीठ ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर वह संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने पर विचार करेगी।
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