होम›सुप्रीम कोर्ट›सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट न जमा करने पर कड़ा इशारा किया
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट न जमा करने पर कड़ा इशारा किया

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की तीन बार रिपोर्ट न जमा करने पर असंतोष जताया और इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ प्रारम्भिक जांच शुरू करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने इस विषय को 21 सितंबर को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया, तथा 15 दिनों में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।

4 सितंबर 2026 को 12:33 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की रिपोर्ट न जमा करने पर कड़ा इशारा किया

सौजन्य से:- livehindustan.com

ट्रायल कोर्ट द्वारा रिपोर्ट जमा न करने पर शीर्ष अदालत नाराज

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा रिपोर्ट जमा न करने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को न्यायिक अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया। ट्रायल कोर्ट तीन बार रिपोर्ट जमा करने में नाकाम रहा है और इस मामले को 21 सितंबर के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा मांगी गई रिपोर्ट जमा न करने पर नाराजगी जताई। शीर्ष अदालत ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ जांच शुरू करने का निर्देश दिया। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति श्री चंद्रशेखर की पीठ ने कहा कि ट्रायल कोर्ट तीन बार रिपोर्ट जमा करने में नाकाम रहा है। इसके अलावा पीठ यह भी गौर किया कि फरवरी 2020 में, शीर्ष अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह एक संपत्ति से प्रतिवादियों को बेदखल करने के मामले की कार्यवाही एक साल में पूरी करे। अदालत ने कहा कि इस साल जनवरी तक ट्रायल अभी तक पूरा नहीं हुआ था।

पीठ ने ट्रायल कोर्ट से रिपोर्ट मांगी थी, जो न तो 12 फरवरी को और न ही मार्च में भेजी गई। पीठ ने कहा कि यह तीसरी बार है जब संबंधित ट्रायल कोर्ट इस अदालत द्वारा मांगी गई रिपोर्ट जमा करने में नाकाम रहा है। पीठ ने कहा कि इन हालात में, इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को निर्देश दिया जाता है कि वे संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ शुरुआती जांच शुरू करें और 15 दिनों में इस अदालत को रिपोर्ट भेजें। शीर्ष अदालत ने मामले को 21 सितंबर के लिए सूचीबद्ध कर दिया। पीठ ने कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर वह संबंधित न्यायिक अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने पर विचार करेगी।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया
सुप्रीम कोर्ट

मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया

क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
सुप्रीम कोर्ट

क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ
सुप्रीम कोर्ट

ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ

क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
सुप्रीम कोर्ट

क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

ताज़ा ख़बरें