होमसुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट के आदेश का भोजशाला विवाद में पहला आंतरिक मूल्यांकन
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भोजशाला विवाद में पहला आंतरिक मूल्यांकन

धार स्थित भोजशाला विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद सर्वे नंबर 612 पर जुमे की नमाज अदा की गई, जिसके दौरान कानून-व्यवस्था अच्छी रही. नमाज पढ़ने वालों की संख्या 150 के करीब थी और प्रशासन ने इसे शांतिपूर्ण बताया और राहत की सांस ली.

31 जुलाई 2026 को 04:16 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भोजशाला विवाद में पहला आंतरिक मूल्यांकन

सौजन्य से:- AajTak

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद पहली बार सर्वे नंबर 612 पर जुमे की नमाज अदा की गई. करीब 150 लोगों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज पढ़ी. प्रशासन ने पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और कानून-व्यवस्था सामान्य बताया. हालांकि, प्रशासन की निगरानी में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली.

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश: चार नए मुख्य न्यायाधीश!
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की सिफारिश: चार नए मुख्य न्यायाधीश!

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, 4 हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बड़ी सिफारिश, 4 हाईकोर्ट में नए चीफ जस्टिस नियुक्त

सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का वार्षिक सारांश: जांच और कानूनी कार्यवाही में नए मानक
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसलों का वार्षिक सारांश: जांच और कानूनी कार्यवाही में नए मानक

गुरुग्राम में चलेगा बुलडोजर, टूटेंगे अवैध आशियाने
सुप्रीम कोर्ट

गुरुग्राम में चलेगा बुलडोजर, टूटेंगे अवैध आशियाने

सुप्रीम कोर्ट ने योग्यता अंकों के निर्धारण और साक्षात्कार बेंचमार्क में बदलाव पर दिया निर्णय
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने योग्यता अंकों के निर्धारण और साक्षात्कार बेंचमार्क में बदलाव पर दिया निर्णय

अनुसमर्थन की गहराई: सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया मूल्यांकन का महत्व
सुप्रीम कोर्ट

अनुसमर्थन की गहराई: सुप्रीम कोर्ट ने निर्धारित किया मूल्यांकन का महत्व

सुप्रीम कोर्ट ने कर दायित्व को वैध ठहराया, लेकिन पूर्वव्यापी जुर्माना नहीं माना
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कर दायित्व को वैध ठहराया, लेकिन पूर्वव्यापी जुर्माना नहीं माना

अगर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माननी तो 5 लाख लोगों का रोजगार होगा असुरक्षित
सुप्रीम कोर्ट

अगर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माननी तो 5 लाख लोगों का रोजगार होगा असुरक्षित

ताज़ा ख़बरें