सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भोजशाला विवाद में पहला आंतरिक मूल्यांकन
धार स्थित भोजशाला विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद सर्वे नंबर 612 पर जुमे की नमाज अदा की गई, जिसके दौरान कानून-व्यवस्था अच्छी रही. नमाज पढ़ने वालों की संख्या 150 के करीब थी और प्रशासन ने इसे शांतिपूर्ण बताया और राहत की सांस ली.

सौजन्य से:- AajTak
मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला विवाद में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद पहली बार सर्वे नंबर 612 पर जुमे की नमाज अदा की गई. करीब 150 लोगों ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज पढ़ी. प्रशासन ने पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और कानून-व्यवस्था सामान्य बताया. हालांकि, प्रशासन की निगरानी में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली.
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट
मेरठ आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत 108 नई दुकानों का निर्माण शुरू किया

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट का फैसला: क्या महिलाएं सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं?

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दी चेतावनी: ‘अधिकारियों को महाशक्तिशाली CEC से निष्क्रिय बना दें’

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने आईसीयू स्टाफ की भर्ती को 6 महीनों, बुनियादी ढांचा 9 महीनों में पूरा करने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के अवैध रिहायशी‑व्यावसायिक निर्माणों पर विशेष आयोग स्थापित किया

सुप्रीम कोर्ट
क्या महिलाएं सुरक्षा के लिये हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण

सुप्रीम कोर्ट
ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों की बैठक में मतदाता सूची एसआईआर पर ली गई मुख्य मंज़ूरियाँ

सुप्रीम कोर्ट
क्या महिलाएं अपनी सुरक्षा के लिए हथियार रख सकती हैं? सुप्रीम कोर्ट का दृष्टिकोण
ताज़ा ख़बरें
- महिलाओं के आत्मरक्षा अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट की राय
- सुरक्षा के लिए हथियार रखने पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाईकोर्ट के 12 अपर जजों को स्थायी पद पर रखने की सिफारिश की
- सुप्रीम कोर्ट के 13 सवालों पर FSSAI ने 43 पृष्ठों का विस्तृत हलफ़नामा पेश किया
- FSSAI ने 13 प्रश्नों के उत्तर में पेश किया 43‑पृष्ठीय हलफनामाः लाल चेतावनी लेबल का ढांचा और समय‑सीमा
- सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को दिया कड़ाकेदार चेतावनी
- सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया, सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी सामग्री हटाने के प्रस्ताव पर निर्णय टाला
- सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों को चेतावनी दी: शिक्षा से अधिक मुनाफे पर न ध्यान दें

