सुप्रीम कोर्ट ने लॉन्च की 'जन सूचना सेवा'—हिंदी में फैसलों का सार ऑडियो‑वीडियो में
हिंदी दिवस पर सुप्रीम कोर्ट ने नया सार्वजनिक सूचना मंच 'जन सूचना सेवा' शुरू करने की घोषणा की, जिससे न्यायिक जानकारी आम नागरिकों के लिये सरल बन सके। इस सेवा में प्रमुख फैसलों और आदेशों का सरल हिंदी सार उपलब्ध कराया जाएगा, साथ ही 15‑30 मिनट के हिंदी ऑडियो‑वीडियो बुलेटिन भी जारी किए जाएंगे।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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सु्प्रीम कोर्ट अपडेट: जन सूचना सेवा शुरू करने का एलान, फैसलों के सार के साथ हिंदी में मिलेंगे ऑडियो-वीडियो
Mon, 14 Sep 2026 04:35 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Mon, 14 Sep 2026 04:35 PM IST
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हिंदी दिवस के मौके पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हिंदी में नई सार्वजनिक सूचना सेवा 'जन सूचना सेवा' शुरू करने का एलान किया। इसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को आम लोगों के लिए अधिक समावेशी बनाना है। इस सेवा के तहत सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण चुने हुए फैसलों और आदेशों का सरल हिंदी में सार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही करीब 15 से 30 मिनट की अवधि वाले हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी जारी किए जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, 'यह पहल आम नागरिकों, वादकारियों और खास तौर पर दिव्यांग लोगों की सुविधा के लिए शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य उन्हें महत्वपूर्ण फैसलों, उनके प्रभाव और आगे की कार्यवाही को उनकी परिचित भाषा में आसानी से समझने में सक्षम बनाना है।'
विज्ञप्ति के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य न्याय तक पहुंच को अधिक समावेशी बनाना और भारतीय भाषाओं को दिए जाने वाले सम्मान को न्यायिक सूचनाओं के सार्वजनिक प्रसार से जोड़ना है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरल भाषा के साथ ऑडियो और वीडियो माध्यमों का इस्तेमाल उन लोगों के लिए भी उपयोगी होगा, जिन्हें लंबे कानूनी दस्तावेज पढ़ने या समझने में कठिनाई होती है।
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'जन सूचना सेवा' की शुरुआत फिलहाल हिंदी में की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'यह पहल देश के अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों के नागरिकों को महत्वपूर्ण सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से जुड़ी संक्षिप्त और आसानी से समझ आने वाली जानकारी अपनी भाषाओं में हासिल करने में सक्षम बनाएगी।'
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सुप्रीम कोर्ट ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, 'यह पहल आम नागरिकों, वादकारियों और खास तौर पर दिव्यांग लोगों की सुविधा के लिए शुरू की जा रही है। इसका उद्देश्य उन्हें महत्वपूर्ण फैसलों, उनके प्रभाव और आगे की कार्यवाही को उनकी परिचित भाषा में आसानी से समझने में सक्षम बनाना है।'
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विज्ञप्ति के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य न्याय तक पहुंच को अधिक समावेशी बनाना और भारतीय भाषाओं को दिए जाने वाले सम्मान को न्यायिक सूचनाओं के सार्वजनिक प्रसार से जोड़ना है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरल भाषा के साथ ऑडियो और वीडियो माध्यमों का इस्तेमाल उन लोगों के लिए भी उपयोगी होगा, जिन्हें लंबे कानूनी दस्तावेज पढ़ने या समझने में कठिनाई होती है।
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'जन सूचना सेवा' की शुरुआत फिलहाल हिंदी में की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे अन्य भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराने का काम किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, 'यह पहल देश के अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों के नागरिकों को महत्वपूर्ण सुप्रीम कोर्ट के फैसलों से जुड़ी संक्षिप्त और आसानी से समझ आने वाली जानकारी अपनी भाषाओं में हासिल करने में सक्षम बनाएगी।'
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