जंतर-मंतर पर पुलिस बर्बरता: सुप्रीम कोर्ट ने बनाई हाई पावर इंक्वायरी कमेटी, आर सुभाष रेड्डी को सौंपी गई जांच की कमान
जंतर-मंतर पर पुलिस बर्बरता: सुप्रीम कोर्ट ने बनाई हाई पावर इंक्वायरी कमेटी, आर सुभाष रेड्डी को सौंपी गई जांच की कमान - JANTAR MANTAR PROTEST 🎬 Watch Now: Feature Video Published : August 20, 2026 at 11:03 PM IST सुप्रीम…

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जंतर-मंतर पर पुलिस बर्बरता: सुप्रीम कोर्ट ने बनाई हाई पावर इंक्वायरी कमेटी, आर सुभाष रेड्डी को सौंपी गई जांच की कमान - JANTAR MANTAR PROTEST
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Published : August 20, 2026 at 11:03 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले की जांच के लिए एक हाई पावर इंक्वायरी कमेटी का गठन किया है. इस जांच कमेटी की कमान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को सौंपी गई है. यह कमेटी पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े पुलिस ज्यादती के आरोपों और दूसरे मामलों की जांच करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहना वाली बेंच ने आज अपलोड किए गए एक आदेश में कहा कि जस्टिस रेड्डी कमेटी के अध्यक्ष होंगे. बेंच ने कहा कि इस हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी को कई बातों को ध्यान में रखकर बनाया गया. जिसमें इसके हर सदस्य की अपनी विशेषज्ञता और अनुभव, साथ ही कमेटी की विविधता भी शामिल है. बेंच ने कहा कि उसे भरोसा है कि हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी की सिफारिशें उसके लिए बहुत मददगार होंगी, और कमेटी ऐसे सभी मुद्दों का पूरी तरह से आकलन कर पाएगी जिन पर सोचने की जरूरत है. बेंच ने कहा कि सभी पार्टियों द्वारा रिकॉर्ड पर रखे गए सामग्री को देखने के बाद, वह याचिकाकर्ताओं द्वारा जोर दिए गए उन मुद्दों को मोटे तौर पर अलग कर पाई है जिन पर विचार करने की जरूरत है. पुलिस अधिकारियों और दूसरी एजेंसियों द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बहुत ज़्यादा बल और हिंसा का इस्तेमाल, जिसमें बिना किसी सही चेतावनी या पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठी चार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल शामिल है, जिससे गंभीर शारीरिक नुकसान और चोटें आईं, जिनमें से कुछ के गंभीर और लंबे समय तक चलने वाले होने का आरोप है.
सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रदर्शन मामले की जांच के लिए एक हाई पावर इंक्वायरी कमेटी का गठन किया है. इस जांच कमेटी की कमान सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस आर सुभाष रेड्डी को सौंपी गई है. यह कमेटी पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन से जुड़े पुलिस ज्यादती के आरोपों और दूसरे मामलों की जांच करेगी. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहना वाली बेंच ने आज अपलोड किए गए एक आदेश में कहा कि जस्टिस रेड्डी कमेटी के अध्यक्ष होंगे. बेंच ने कहा कि इस हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी को कई बातों को ध्यान में रखकर बनाया गया. जिसमें इसके हर सदस्य की अपनी विशेषज्ञता और अनुभव, साथ ही कमेटी की विविधता भी शामिल है. बेंच ने कहा कि उसे भरोसा है कि हाई-पावर्ड इंक्वायरी कमेटी की सिफारिशें उसके लिए बहुत मददगार होंगी, और कमेटी ऐसे सभी मुद्दों का पूरी तरह से आकलन कर पाएगी जिन पर सोचने की जरूरत है. बेंच ने कहा कि सभी पार्टियों द्वारा रिकॉर्ड पर रखे गए सामग्री को देखने के बाद, वह याचिकाकर्ताओं द्वारा जोर दिए गए उन मुद्दों को मोटे तौर पर अलग कर पाई है जिन पर विचार करने की जरूरत है. पुलिस अधिकारियों और दूसरी एजेंसियों द्वारा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बहुत ज़्यादा बल और हिंसा का इस्तेमाल, जिसमें बिना किसी सही चेतावनी या पैलेट गन, इलेक्ट्रिक बैटन, लाठी चार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल शामिल है, जिससे गंभीर शारीरिक नुकसान और चोटें आईं, जिनमें से कुछ के गंभीर और लंबे समय तक चलने वाले होने का आरोप है.
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