सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी में फैसलों की सार्वजनिक सेवा शुरू की, ऑडियो‑वीडियो बुलेटिन भी मिलेगा
हिंदी दिवस के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने नागरिकों के लिए हिंदी में नई पब्लिक इन्फॉर्मेशन सर्विस की घोषणा की। इसमें प्रमुख निर्णयों के सरल हिंदी सारांश और प्रतिदिन 15‑30 मिनट के ऑडियो‑वीडियो बुलेटिन साथ ही आधिकारिक फ़ैसले के लिंक उपलब्ध होंगे, जिससे आम जनता और दिव्यांग व्यक्तियों को न्याय की जानकारी अपनी भाषा में आसानी से मिल सके। यह सेवा शुरुआती तौर पर हिंदी में शुरू होगी और बाद में अन्य भारतीय भाषाओं में भी विस्तारित होगी।

सौजन्य से:- Live Law Hindi
हिंदी दिवस पर सुप्रीम कोर्ट की घोषणा- अब हिंदी में भी आएंगे फैसले, ऑडियो-वीडियो बुलेटिन भी होगा शुरू
Shahadat
14 Sept 2026 7:40 PM IST
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हिंदी में नई पब्लिक इन्फॉर्मेशन सर्विस शुरू करने की घोषणा की, ताकि नागरिकों को कोर्ट के अहम फैसलों और आदेशों का आसान सारांश मिल सके।
यह घोषणा हिंदी दिवस के मौके पर की गई।
इस नई सर्विस के तहत सुप्रीम कोर्ट के चुने हुए अहम फैसलों और आदेशों के साथ आसान हिंदी सारांश भी उपलब्ध होंगे। साथ ही लगभग 15 से 30 मिनट का रोज़ाना हिंदी ऑडियो और वीडियो बुलेटिन भी उपलब्ध कराया जाएगा। सारांश के साथ संबंधित आधिकारिक फैसले का लिंक भी दिया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ज़रूरी इंतज़ाम पूरे होने के बाद यह सर्विस जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
इस पहल का मकसद आम नागरिकों, मुकदमेबाज़ों और खासकर दिव्यांग लोगों के लिए जानकारी तक पहुंच आसान बनाना है। इससे वे कोर्ट के अहम फैसलों, उनके असर और आगे की प्रक्रिया को अपनी जानी-पहचानी भाषा में समझ सकेंगे।
कोर्ट ने कहा कि इसका मकसद न्याय तक पहुंच को आसान बनाना और भारतीय भाषाओं के सम्मान को न्यायिक सार्वजनिक जानकारी से जोड़ना है।
आसान भाषा के साथ-साथ ऑडियो और वीडियो फॉर्मेट का इस्तेमाल उन लोगों के लिए भी फायदेमंद होगा, जिन्हें लंबे कानूनी दस्तावेज़ पढ़ने या समझने में मुश्किल होती है।
यह सर्विस शुरू में हिंदी में उपलब्ध होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इसे चरणबद्ध तरीके से दूसरी भारतीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कोर्ट ने कहा कि इससे देश के अलग-अलग भाषाई क्षेत्रों के नागरिक अपनी भाषा में सुप्रीम कोर्ट के अहम फैसलों के बारे में संक्षिप्त और आसानी से समझ में आने वाली जानकारी पा सकेंगे।
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