सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश: बदल जाएंगे वाहनों के बीमा और ईंधन नियम
सुप्रीम कोर्ट ने वाहन बीमा और ईंधन से संबंधित महत्वपूर्ण दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिनसे पेट्रोल पंपों पर वाहनों की बीमा स्थिति की जांच हो सकेगी और बिना बीमा वाले वाहनों पर स्वचालन चालान जारी किए जा सकेंगे। इस निर्णय से वाहन मालिकों को थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य होगा और वाहन बीमा नियमों में परिवर्तन होगा।

सौजन्य से:- Aaj Tak News
5 August 2026
By: Aaj Tak Auto
सड़क पर गाड़ी चलाते हैं. तो ये खबर आपके लिए है. क्योंकि अब मामला सिर्फ चालान या आरसी तक सीमित नहीं रहने वाला.
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सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे निर्देश दिए हैं जो आने वाले समय में हर कार और बाइक मालिक की जेब, बीमा और यहां तक कि पेट्रोल पंप तक पहुंच पर असर डाल सकते हैं.
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अगर आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस खत्म हो गया तो पेट्रोल पंप वाला आपको तेल देने से मना कर सकता है. और अब कई साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस साथ में लेना होगा.
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सुप्रीम कोर्ट ने बीमा नियामक IRDA और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को मिलकर एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार करने को कहा है.
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इस प्रोजेक्ट के तहत पेट्रोल पंप पर वाहन को फ्यूल देने से पहले उसके इंश्योरेंस की वैलिडिटी की जांच की जा सकती है.
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यदि वाहन का इंश्योरेंस खत्म हो चुका है या वैलिड नहीं है, तो उसे तब तक पेट्रोल या डीजल नहीं दिया जाएगा, जब तक नया बीमा नहीं कराया जाता.
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सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि नई कार खरीदते समय 4 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और नई टू-व्हीलर खरीदते समय 6 साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस लेना अनिवार्य होगा.
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यानी वाहन खरीदते ही मालिक को तय अवधि का बीमा भी साथ में लेना होगा. ताकि वाहन हमेशा इंश्योर्ड रहें और एक्सीडेंट में पीड़ितों को समय पर मुआवजा मिल सके.
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कोर्ट ने सड़क परिवहन मंत्रालय को निर्देश दिया है कि ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरों को VAHAN पोर्टल से जोड़ा जाए.
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इससे कैमरे वाहन का नंबर रीड कर तुरंत यह जांच सकेंगे कि उसका बीमा वैलिड है या नहीं. इससे बिना बीमा वाले वाहनों की पहचान करना आसान होगा.
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सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए हैं, जिससे बिना वैलिड बीमा वाले वाहनों का ऑटोमैटिक ई-चालान जारी किया जा सके.
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इसके लिए स्टेट पुलिस, इंश्योरेंस ब्यूरो और VAHAN पोर्टल के अपडेटेड डेटा का इस्तेमाल करेगी. इससे बिना बीमा वाले वाहनों पर नज़र रखी जा सकेगी.
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कोर्ट ने IRDA को इंश्योरेंस पॉलिसी के फॉर्मेट में बदलाव करने का भी निर्देश दिया है. अब फोर लेवल वाला नया स्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा.
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ताकि वाहन मालिक आसानी से समझ सकें कि उनकी पॉलिसी में कौन-कौन सा कवर शामिल है.
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इसमें बेस पॉलिसी के तहत थर्ड पार्टी इंश्योरेंस रहेगा, जबकि ओन डैमेज कवर, पिलियन राइडर या पैसेंजर इंश्योरेंस जैसी सुविधाओं को अलग से दिखाया जाएगा.
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सुप्रीम कोर्ट ने सड़क परिवहन मंत्रालय को टोल प्लाजा की जगह स्कैनिंग आधारित टोल प्वाइंट लागू करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का भी निर्देश दिया है.
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