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पीएलवी और अधिकार मित्रों को स्थायी लोक अदालत का प्रशिक्षण

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17 अगस्त 2026 को 04:55 pm बजे
पीएलवी और अधिकार मित्रों को स्थायी लोक अदालत का प्रशिक्षण

सौजन्य से:- Hindustan

पीएलवी और अधिकार मित्रों को स्थायी लोक अदालत का प्रशिक्षण

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नैनीताल, संवाददाता। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रशांत जोशी के आदेश पर सोमवार को पीएलवी (पैरा लीगल वॉलंटियर) और अधिकार मित्रों को स्थायी लोक अदालत के संबंध में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में स्थायी लोक अदालत के सदस्यों ने प्रतिभागियों को इसकी कार्यप्रणाली और लाभों की जानकारी दी। प्रशिक्षण में बताया गया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22-बी के तहत जनपद नैनीताल में स्थायी लोक अदालत का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण कर आम लोगों को सस्ता, सुलभ और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है।

बताया गया कि कोई भी व्यक्ति अदालती मुकदमेबाजी से पहले सीधे स्थायी लोक अदालत में प्रार्थना पत्र दे सकता है। यहां किसी प्रकार का न्याय शुल्क नहीं लिया जाता और विवादों का कम समय में निस्तारण किया जाता है। स्थायी लोक अदालत के अवार्ड के खिलाफ अपील का प्रावधान नहीं है और उसका निर्णय पक्षकारों पर बाध्यकारी होता है। स्थायी लोक अदालत में जन उपयोगी सेवाओं से जुड़े दीवानी और संबंधित शमनीय आपराधिक मामलों का निस्तारण किया जा सकता है। इसके लिए विवाद की अधिकतम सीमा एक करोड़ रुपये है और मामला किसी अन्य न्यायालय में लंबित नहीं होना चाहिए। लोक अदालत और स्थायी लोक अदालत के अंतर की जानकारी देते हुए बताया गया कि सामान्य लोक अदालत में समझौता नहीं होने पर मामला संबंधित न्यायालय को वापस कर दिया जाता है, जबकि स्थायी लोक अदालत में समझौता विफल होने की स्थिति में मामले का गुण-दोष के आधार पर स्वयं निस्तारण किया जा सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य पीएलवी और अधिकार मित्रों को आम लोगों तक स्थायी लोक अदालत की सुविधाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए सक्षम बनाना रहा।

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