होम›मुकदमे›फांसी पर सुप्रीम कोर्ट: सरकार चाहे तो अपनाए दूसरा तरीका
मुकदमे

फांसी पर सुप्रीम कोर्ट: सरकार चाहे तो अपनाए दूसरा तरीका

मौत की सजा में फांसी ही जरूरी? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकार चाहे तो तलाश सकती है दूसरा तरीका सुप्रीम कोर्ट ( File Photo) क्या मौत की सजा देने के लिए फांसी के अलावा कोई और तरीका अपनाया जा सकता है? इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट…

18 अगस्त 2026 को 06:55 am बजे
फांसी पर सुप्रीम कोर्ट: सरकार चाहे तो अपनाए दूसरा तरीका

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

मौत की सजा में फांसी ही जरूरी? सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सरकार चाहे तो तलाश सकती है दूसरा तरीका

सुप्रीम कोर्ट ( File Photo)

क्या मौत की सजा देने के लिए फांसी के अलावा कोई और तरीका अपनाया जा सकता है? इस सवाल पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल ऐसी मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. हालांकि, कोर्ट ने केंद्र सरकार के लिए रास्ता खुला रखा है.

सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा पाए दोषियों को फांसी देने के बजाय किसी दूसरे तरीके से मृत्युदंड देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी है. याचिका में कहा गया था कि फांसी देकर मौत की सजा देना काफी दर्दनाक तरीका है और इसके बदले कोई अधिक मानवीय तरीका अपनाया जाना चाहिए. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने मामले की सुनवाई की.

हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि उसके फैसले का असर केंद्र सरकार की उस कोशिश पर नहीं पड़ेगा, जिसमें वह मृत्युदंड देने के तरीके की व्यापक समीक्षा करना चाहेगी. कोर्ट ने कहा कि सरकार चाहे तो मौत की सजा को लागू करने के लिए कोई वैकल्पिक तरीका तय करने पर विचार कर सकती है. इससे पहले 22 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अमिताभ कुमार

अमिताभ कुमार प्रभात खबर डिजिटल में Sr. Content writer हैं. पिछले 15 साल से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं.

अमिताभ 1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है.

प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है. 📩 संपर्क : amitabh.kumar@prabhatkhabar.in

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?
मुकदमे

ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत
मुकदमे

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल
मुकदमे

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं
मुकदमे

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी
मुकदमे

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना
मुकदमे

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्‍स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न
मुकदमे

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्‍स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न

ताज़ा ख़बरें