अगर न होता सुप्रीम कोर्ट का फैसला, यूपी का ये हाईवे आसानी से नहीं बन पाता
सुप्रीम कोर्ट से आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे को चौड़ा करने की अनुमति मिल गई। हाईवे का पूर्व से पश्चिम की ओर यातायात आसान हो जाएगा।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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यूपी: आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे को सुप्रीम कोर्ट की हरी झंडी, पूरब से पश्चिम की तरफ जाना होगा आसान
Mon, 17 Aug 2026 06:59 AM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Mon, 17 Aug 2026 06:59 AM IST
सार
Agra Aligarh Highway: इन सड़कों के निर्माण से स्थानीय लोगों का आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल व यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचना और भी सुगम हो जाएगा।
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विस्तार
आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे को चौड़ा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से अनुमति मिल गई है। अनुमति न मिलने से इस हाईवे के पैकेज-2 के 37 किमी हिस्से का काम रुका हुआ था। अब इस पर सितंबर में काम शुरू हो जाएगा। वहीं, अलीगढ़-चंदौसी-मुरादाबाद हाईवे को फोरलेन करने के लिए भी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो रही है।
इन सड़कों के निर्माण से स्थानीय लोगों का आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल व यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचना और भी सुगम हो जाएगा। पूरब से पश्चिम को जोड़ने की एनएचएआई की मुहिम को रफ्तार मिलेगी। आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे 65 किमी लंबा है और इसकी कुल लागत 820 करोड़ है। एनएचएआई ने यह परियोजना दो पैकेज में मंजूर की थी। पहले 28 किमी लंबे पैकेज पर करीब दो माह से काम चल रहा है। 37 किमी लंबा दूसरा पैकेज ताज ट्रैपेजियम जोन (टीटीजेड) में होने के चलते इसे सुप्रीम कोर्ट की अनुमति आवश्यक थी।
उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, दूसरे पैकेज पर काम आगे बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति मिल चुकी है। इसके अलावा आगरा-चंदौसी-मुरादाबाद हाईवे वर्तमान में दो लेन है, जिसे फोरलेन किया जाएगा। इस पर उच्चस्तर पर सहमति बन गई है। 107 किमी लंबी इस परियोजना पर 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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मुरादाबाद-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का भी हो रहा अध्ययन
सूत्रों के मुताबिक, मुरादाबाद-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड फोरलेन एक्सप्रेसवे के औचित्य (फिजिबिलिटी) का अध्ययन करवाया जा रहा है। यह परियोजना भी स्थानीय विकास में अहम योगदान देगी।
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इन सड़कों के निर्माण से स्थानीय लोगों का आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल व यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचना और भी सुगम हो जाएगा। पूरब से पश्चिम को जोड़ने की एनएचएआई की मुहिम को रफ्तार मिलेगी। आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड हाईवे 65 किमी लंबा है और इसकी कुल लागत 820 करोड़ है। एनएचएआई ने यह परियोजना दो पैकेज में मंजूर की थी। पहले 28 किमी लंबे पैकेज पर करीब दो माह से काम चल रहा है। 37 किमी लंबा दूसरा पैकेज ताज ट्रैपेजियम जोन (टीटीजेड) में होने के चलते इसे सुप्रीम कोर्ट की अनुमति आवश्यक थी।
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उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, दूसरे पैकेज पर काम आगे बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति मिल चुकी है। इसके अलावा आगरा-चंदौसी-मुरादाबाद हाईवे वर्तमान में दो लेन है, जिसे फोरलेन किया जाएगा। इस पर उच्चस्तर पर सहमति बन गई है। 107 किमी लंबी इस परियोजना पर 4 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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मुरादाबाद-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का भी हो रहा अध्ययन
सूत्रों के मुताबिक, मुरादाबाद-हल्द्वानी ग्रीनफील्ड फोरलेन एक्सप्रेसवे के औचित्य (फिजिबिलिटी) का अध्ययन करवाया जा रहा है। यह परियोजना भी स्थानीय विकास में अहम योगदान देगी।
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