सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हाई कोर्ट के पंचायत चुनाव की समय सीमा बढ़ाने के आदेश को नहीं रोका
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज करते हुए यह कहा कि कोई भी अपील नहीं है जिससे पंचायत चुनाव की समय सीमा बढ़ाने के आदेश में दखल दी जा सके।

सौजन्य से:- ETV Bharat
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हाई कोर्ट के पंचायत चुनाव की समय सीमा बढ़ाने के आदेश के खिलाफ याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर हाई कोर्ट के पंचायत चुनाव की समय सीमा 16 अक्टूबर तक बढ़ाने के फैसले में दखल देने से मना कर दिया.
By Sumit Saxena
Published : July 2, 2026 at 3:51 PM IST
नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मणिपुर हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया, जिसमें राज्य में पंचायत चुनाव कराने की समय सीमा इस साल 16 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई थी.
यह मामला जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह और एनवी अंजारिया की पीठ के सामने आया. पीठ ने हाई कोर्ट के 19 मई, 2026 के फैसले के खिलाफ फेइरोइजम हेरामानी और अन्य की अपील पर सुनवाई की.
मणिपुर सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि राज्य हाई कोर्ट के निर्देशों को मानने के लिए बाध्य है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर स्थानीय निकायों के चुनाव नहीं कराए जाते हैं, तो राज्य अवमानना कर सकता है. दलीलें सुनने के बाद पीठ ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में दखल देने की अपील में कोई दम नहीं है.
हाई कोर्ट ने छठे आम पंचायत चुनाव कराने की समय सीमा 16 अक्टूबर तक बढ़ा दी है. हाई कोर्ट ने हाल के कानूनी बदलावों के मुताबिक राज्य के लिए तीन-स्तर का पंचायती राज सिस्टम अपनाने का रास्ता भी साफ कर दिया.
हाई कोर्ट के सामने यह मामला मणिपुर सरकार की तरफ से अगस्त 2025 के पिछले आदेश के खिलाफ दायर समीक्षा याचिका से उठा था, जिसमें छह महीने के अंदर चुनाव कराने का आदेश दिया गया था.
राज्य ने तर्क दिया कि मौजूदा कानून और व्यवस्था की स्थिति और राज्य में राष्ट्रपति शासन (फरवरी 2025 से प्रभावी) लागू होने से तुरंत चुनाव कराना असंभव हो गया है.
हाई कोर्ट ने अपने पिछले आदेश में बदलाव करते हुए राज्य और राज्य चुनाव आयोग को चुनावी प्रक्रिया पूरी करने के लिए 16 अक्टूबर, 2026 तक का समय दिया.
ये भी पढ़ें- धर्म और अधर्म को धुंधला करने वाले AI के उदाहरणों के लिए जीरो टॉलरेंस: सुप्रीम कोर्ट
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
ECI के दावे पर संदेह: क्या सुप्रीम कोर्ट ने नया फॉर्म‑6 घोषणा मंज़ूर किया?

बबेरू के दूकानदारों को सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश, विवाद में मिली राहत

तेलंगाना हाईकोर्ट ने SRSP विस्थापित महिला को कृषि भूमि न मिलने पर सरकार को किया कड़ा सवाल

फु क्वोक में छात्र मॉक ट्रायल से कानूनी ज्ञान और सामाजिक कौशल हासिल करते हैं

हाईकोर्ट ने किठौर मामले में आरोपी की जमानत अस्वीकृत, गवाहों पर दबाव की सम्भावना को प्राथमिकता दी

सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में 16,726 अवैध निर्माणों को सील‑ध्वस्त करने का आदेश दिया

हाईकोर्ट ने डॉक्टरों को चेतावनी: इलाज में देरी नहीं, २५,००० रुपये जुर्माना

MP उच्च न्यायालय में याचिकाओं से टैक्स ऑडिट डेडलाइन पर बढ़े प्रश्न
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने ट्रम्प प्रशासन को विवादास्पद नागरिकता डेटाबेस के उपयोग की स्वीकृति दी
- सुप्रीम कोर्ट ने SAVE डेटाबेस के इस्तेमाल को मंजूरी दी, ट्रम्प प्रशासन को राहत
- कानून का सही उपयोग: बहादुरपुर में एससी-एसटी अधिनियम पर बैठक
- सुप्रीम कोर्ट ने हिंदी को आधिकारिक भाषा बनाने की याचिका खारिज की, आदेश से नहीं थोप सकते भाषा
- एपी हाई कोर्ट ने अमरावती को राजधानी मानने के बाद तीन‑राजधानी प्रस्ताव को निरर्थक घोषित किया
- सुप्रीम कोर्ट ने क्यों नहीं रोका SIR?
- महिला पहलवानों ने बृजभूषण सिंह की बरी को चुनौती, दिल्ली कोर्ट में दायर की अपील
- ICU सुधार में नया कदम: कोर्ट ने बुनियादी ढाँचा 9 महीने, स्टाफिंग 6 महीने में पूरा करने का आदेश

