लाइव लॉ में शामिल हों: सुप्रीम कोर्ट रिपोर्टर की नौकरी के लिए आवेदन करें
लाइव लॉ एक बेहतरीन अवसर पेश कर रहा है - कानूनी पत्रकारिता में रुचि रखने वाले छात्रों और पेशेवरों के लिए। सुप्रीम कोर्ट रिपोर्टर के रूप में, आप अदालतों के घटनाक्रमों पर नज़र रखेंगें और समय पर समाचार रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

सौजन्य से:- Live Law
लाइव लॉ सुप्रीम कोर्ट रिपोर्टरों की भर्ती कर रहा है - आज ही आवेदन करें - भारत के नंबर 1 कानूनी समाचार पोर्टल के साथ काम करें
लाइवलॉ न्यूज़ नेटवर्क
25 जून 2026 12:09 अपराह्न IST
लाइव लॉ सुप्रीम कोर्ट रिपोर्टर के पद के लिए आवेदन आमंत्रित करता है। कानूनी पत्रकारिता और अदालती रिपोर्टिंग में रुचि रखने वाले कानून स्नातकों के लिए यह एक उत्कृष्ट अवसर है।
पात्रता एवं योग्यता
एलएलबी डिग्री (अनिवार्य)
पत्रकारिता/जनसंचार डिग्री - अतिरिक्त लाभ
कानूनी रिपोर्टिंग और अदालती कार्यवाही में गहरी रुचि
अंग्रेजी पर अच्छा अधिकार (पढ़ना, लिखना और समझना)
तेज़ गति वाले न्यूज़रूम वातावरण में काम करने की क्षमता
नए स्नातक भी आवेदन कर सकते हैं।
भूमिकाएँ एवं जिम्मेदारियाँ
सुप्रीम कोर्ट के रिपोर्टर के रूप में, आपसे अपेक्षा की जाएगी कि आप अदालतों के सभी घटनाक्रमों पर नज़र रखें और सुनवाई में भाग लेने के बाद समय पर समाचार रिपोर्ट प्रस्तुत करें। आपको अपलोड किए गए आदेशों/निर्णयों पर भी नज़र रखनी होगी और यथाशीघ्र तथ्यात्मक और संक्षिप्त रिपोर्ट बनानी होगी।
कर्तव्य में ब्रेकिंग स्टोरीज़ के साथ-साथ कानूनी सवालों की पेचीदगियों और अदालत के समक्ष लंबित अन्य मामलों को समझाने वाली गहन कहानियाँ लिखना भी शामिल है।
सुनवाई को लाइव-ट्वीट करने की क्षमता आवश्यक है।
यह एक पूर्णकालिक नौकरी है जहां आपसे अदालतों के अंदर और बाहर, सभी नवीनतम घटनाओं से अवगत रहने की उम्मीद की जाएगी। चूंकि हम एक डिजिटल माध्यम हैं, इसलिए गति और सटीकता दोनों जरूरी है।
स्थान: दूरस्थ
पारिश्रमिक: उद्योग में सर्वश्रेष्ठ
अभी आवेदन करें!
अपना बायोडाटा कैरियर्स@livelaw.in पर भेजें और एक संक्षिप्त विवरण बताएं कि आपको इस भूमिका के लिए क्यों नियुक्त किया जाना चाहिए।
कृपया अपने मेल में निम्नलिखित विषय निर्दिष्ट करें - रिपोर्टर, सुप्रीम कोर्ट।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
देवेंद्रकुला वेल्लालर ने SC टैग छोड़कर सामाजिक सम्मान की मांग की

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: टिकट न होने पर भी ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मेरठ में 16,000‑से‑अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई

परिवारिक विवादों में न्यायालय‑एडीआर का सहयोगी मॉडल

टिकट न मिलने पर भी 8 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी परिवार को

टिकट न मिलने पर भी मुआवजा मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की रक़म बहाल की

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी ज़ोन में वाणिज्यिक कार्यवाही पर सील लगाने का कड़ा आदेश
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने चीनी‑एथेनॉल मुआवजा दावों के 103.4 अरब रियाल के मुद्दे को पूर्ण पीठ तक पहुँचाया
- सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध कॉलोनियों पर सख्त कदम, न्यायिक आयोग बनाकर ध्वस्तीकरण का आदेश
- मोदी सरकार ने OBC ‘क्रीमी लेयर’ नियम लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से दो साल की रियायत माँगी
- अंतर्राष्ट्रीय कानून की स्नातक ने नौकरी छोड़कर सब्जी विक्रय में रोज़ 200 किग्रा बेचना शुरू किया
- केन्द्र सरकार ने OBC क्रीमी लेयर नियम लागू करने के लिए दो साल की राहत की माँग की
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाई कोर्टों में 12 जजों को स्थायी पद दिलवाया
- शरई अदालत में बढ़ते तलाक‑नफका के केस, हर महीने 30 मामले, काउंसलिंग से समाधान
- LiveLaw ने लॉन्च किया ‘ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट’ – न्यायिक अपडेट अब तुरंत

