लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव
लखनऊ में 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी को डायल‑112 के PRV वाहनों के माध्यम से ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने का कदम उठाया गया है। यह पहल जनपद न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस के सहयोग से की गई है, जिसका उद्देश्य विवादों का तेज़ और आसान निपटारा सुनिश्चित करना है। साथ ही मध्यस्थता‑3.0 अभियान के तहत लंबित मामलों को हल करने की प्रक्रिया भी चलाई जाएगी।

सौजन्य से:- jagran.com
लखनऊ में लोक अदालत का गांव-गांव तक पहुंचेगा संदेश, पीआरवी वाहन करेंगे प्रचार
लखनऊ में 12 सितंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी अब डायल-112 के पीआरवी वाहनों द्वारा गांवों और ...और पढ़ें
HighLights
- पीआरवी वाहन लोक अदालत की जानकारी गांव-गांव पहुंचाएंगे।
- लखनऊ पुलिस और विधिक सेवा प्राधिकरण की संयुक्त पहल।
- मामलों के शीघ्र और सरल निस्तारण का अवसर मिलेगा।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामलों के सुलह-समझौते से निस्तारण के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और लखनऊ पुलिस ने अनूठी पहल की है। 12 सितंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी अब शहर के साथ गांव और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचाई जाएगी।
इसके लिए डायल-112 के पुलिस प्रतिक्रिया वाहन (पीआरवी) को प्रचार अभियान में लगाया गया है। इन वाहनों के जरिए लोगों को लोक अदालत में मामलों के शीघ्र और सरल निस्तारण की जानकारी दी जाएगी।
जनपद न्यायालय परिसर से जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष मलखान सिंह और राष्ट्रीय लोक अदालत की नोडल अधिकारी एवं पुलिस उपायुक्त किरण यादव ने पीआरवी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत के साथ मध्यस्थता-3.0 अभियान को लेकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके तहत एक अगस्त से 30 सितंबर तक लंबित मामलों को मध्यस्थता के लिए भेजने की प्रक्रिया चलेगी। इसके बाद एक अक्टूबर से 30 दिसंबर तक मध्यस्थता के माध्यम से विवादों के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
न्यायालय और पुलिस की संयुक्त पहल
जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन को लंबित विवादों के सरल और शीघ्र समाधान का अवसर देती है। नोडल अधिकारी किरण यादव ने भी लोगों से 12 सितंबर को आयोजित लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
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