सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ में अवैध इमारतों की धीमी सीलिंग पर कड़ी नाराज़गी जताई
सुप्रीम कोर्ट की टीम ने लखनऊ के अलीगंज में चिन्हित 51 अवैध इमारतों में से केवल 17 की सीलिंग के बाद नाराज़गी प्रकट की। 5 सितंबर को सर्वे के दौरान टीम ने एलडीए से सवाल उठाए, यह कहते हुए कि शमन आवेदन के बावजूद इमारतें खुली हैं। एलडीए ने 7, 6 और 4 कॉम्प्लेक्स सील किए, लेकिन 34 इमारतें अभी भी बिन सीलिंग के हैं।

सौजन्य से:- Amar Ujala
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Lucknow News: अवैध इमारतों की सीलिंग में सुस्ती पर सुप्रीम कोर्ट की टीम सख्त
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लखनऊ। अलीगंज इलाके में चिह्नित 51 अवैध इमारतों में से केवल 17 की सीलिंग होने पर सुप्रीम कोर्ट की टीम ने सख्त रुख अपनाया है। टीम 22 जून को एक बिल्डिंग में 15 लोगों की मौत के बाद अवैध इमारतों के सर्वेक्षण के लिए पांच सितंबर को आई थी। रविवार को एलडीए अधिकारियों के साथ बैठक के बाद टीम जरूरी रिकॉर्ड लेकर दिल्ली लौट गई।
सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद एलडीए ने बीते माह 51 अवैध बिल्डिंगें चिह्नित की थीं। इन बिल्डिंगों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस का समय पूरा होने के बाद एलडीए ने मंगलवार को सात, बुधवार को छह और बृहस्पतिवार को चार कॉम्प्लेक्स सील किए। इस तरह कुल 51 में से केवल 17 बिल्डिंगें ही सील की जा सकीं। अभी 34 अवैध बिल्डिंगों को सील नहीं किया गया है। पांच सितंबर को पहले दिन सर्वे के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टीम ने एलडीए से इस पर सवाल किया।
एलडीए अफसरों ने बताया कि कई बिल्डिंग मालिकों ने शमन मानचित्र जमा किए हैं। वे अपना अवैध निर्माण नियमानुसार सही कराना चाहते हैं। कुछ बिल्डिंगों की सीलिंग की कार्रवाई विहित न्यायालय से अभी पूरी नहीं हुई है। टीम ने शमन आवेदन करने के बावजूद अवैध निर्माणों को खुला छोड़ने पर नाराजगी जताई। टीम का कहना था कि शमन आवेदन की आड़ में अवैध निर्माण बचाए जा रहे हैं।
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रविवार को टीम ने समझी शमन कार्रवाई
टीम ने एलडीए अधिकारियों से रविवार को शमन प्रक्रिया समझी। उन्होंने अवैध निर्माण को वैध करने के नियम और प्रक्रियाएं जानीं। कौन-कौन से निर्माण शमन के दायरे में आते हैं, इसकी जानकारी ली गई। कितनी चौड़ी सड़क पर कॉमर्शियल बिल्डिंगें कितनी मंजिल तक बन सकती हैं यह भी समझा। आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक निर्माण की शर्तों पर भी चर्चा हुई। टीम शमन नियमावली और नई भवन निर्माण उपविधि भी अपने साथ ले गई।
टीम को दी गई 51 बिल्डिंगों की पूरी डिटेल
एलडीए ने चिह्नित की गई 51 अवैध बिल्डिंगों की पूरी जानकारी टीम को दी। इसमें भूखंड आवंटन से लेकर निर्माण तक हर बिल्डिंग का अलग-अलग विवरण दिया गया। इसमें मूल आवंटी और उसके बाद के खरीदार के साथ ही मानचित्र स्वीकृत है या नहीं यह भी बताया गया। अलीगंज के अलावा गोमती नगर, पत्रकारपुरम जैसे अन्य इलाकों की जानकारी भी दी गई। अलीगंज के अलावा गोमती नगर पत्रकारपुरम सहित कई अन्य इलाकों के अवैध निर्माण से जुड़ी जानकारी टीम ले गई है। एलडीए ने टीम को 100 से अधिक होटल, रेस्टोरेंट और शादीघरों की सूची भी दी। इन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया था। इनमें अवैध निर्माण के मामले भी सामने आए थे।
Iअपर सचिव एलडीए सीपी त्रिपाठी ने बताया कि टीम दो दिन के सर्वे के बाद लौट गई है। इस दौरान अलीगंज, गोमती नगर आदि इलाकों में सर्वे किया गया।I
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सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद एलडीए ने बीते माह 51 अवैध बिल्डिंगें चिह्नित की थीं। इन बिल्डिंगों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस का समय पूरा होने के बाद एलडीए ने मंगलवार को सात, बुधवार को छह और बृहस्पतिवार को चार कॉम्प्लेक्स सील किए। इस तरह कुल 51 में से केवल 17 बिल्डिंगें ही सील की जा सकीं। अभी 34 अवैध बिल्डिंगों को सील नहीं किया गया है। पांच सितंबर को पहले दिन सर्वे के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टीम ने एलडीए से इस पर सवाल किया।
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एलडीए अफसरों ने बताया कि कई बिल्डिंग मालिकों ने शमन मानचित्र जमा किए हैं। वे अपना अवैध निर्माण नियमानुसार सही कराना चाहते हैं। कुछ बिल्डिंगों की सीलिंग की कार्रवाई विहित न्यायालय से अभी पूरी नहीं हुई है। टीम ने शमन आवेदन करने के बावजूद अवैध निर्माणों को खुला छोड़ने पर नाराजगी जताई। टीम का कहना था कि शमन आवेदन की आड़ में अवैध निर्माण बचाए जा रहे हैं।
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रविवार को टीम ने समझी शमन कार्रवाई
टीम ने एलडीए अधिकारियों से रविवार को शमन प्रक्रिया समझी। उन्होंने अवैध निर्माण को वैध करने के नियम और प्रक्रियाएं जानीं। कौन-कौन से निर्माण शमन के दायरे में आते हैं, इसकी जानकारी ली गई। कितनी चौड़ी सड़क पर कॉमर्शियल बिल्डिंगें कितनी मंजिल तक बन सकती हैं यह भी समझा। आवासीय भूखंड पर व्यावसायिक निर्माण की शर्तों पर भी चर्चा हुई। टीम शमन नियमावली और नई भवन निर्माण उपविधि भी अपने साथ ले गई।
टीम को दी गई 51 बिल्डिंगों की पूरी डिटेल
एलडीए ने चिह्नित की गई 51 अवैध बिल्डिंगों की पूरी जानकारी टीम को दी। इसमें भूखंड आवंटन से लेकर निर्माण तक हर बिल्डिंग का अलग-अलग विवरण दिया गया। इसमें मूल आवंटी और उसके बाद के खरीदार के साथ ही मानचित्र स्वीकृत है या नहीं यह भी बताया गया। अलीगंज के अलावा गोमती नगर, पत्रकारपुरम जैसे अन्य इलाकों की जानकारी भी दी गई। अलीगंज के अलावा गोमती नगर पत्रकारपुरम सहित कई अन्य इलाकों के अवैध निर्माण से जुड़ी जानकारी टीम ले गई है। एलडीए ने टीम को 100 से अधिक होटल, रेस्टोरेंट और शादीघरों की सूची भी दी। इन प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया था। इनमें अवैध निर्माण के मामले भी सामने आए थे।
Iअपर सचिव एलडीए सीपी त्रिपाठी ने बताया कि टीम दो दिन के सर्वे के बाद लौट गई है। इस दौरान अलीगंज, गोमती नगर आदि इलाकों में सर्वे किया गया।I
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