पठानकोट लोक अदालत: सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय का साधन
पठानकोट में स्थायी लोक अदालत की स्थापना आम जनता को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अदालत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मामलों का निपटारा कर सकती है, जैसे कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, बीमा, किराया और सूचना से संबंधित विवाद। इससे आम लोगों के लिए न्याय प्राप्त करना आसान और सुलभ हो गया है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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पठानकोट में परमानेंट लोक अदालत:स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, बीमा, किराया और सूचना से संबंधित विवाद की सुनवाई
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आम जनता को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय दिलाने के उद्देश्य से स्थायी लोक अदालत एक बेहद प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य कर रही है। लीगल सर्विस अथॉरिटी एक्ट, 1987 की धारा 22-B और लीगल सर्विस अथॉरिटी (संशोधन) एक्ट के तहत गठित यह अदालत नागरिकों के विभिन
डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी पठानकोट के चेयरमैन सह डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज रजनीश गर्ग ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत एक चेयरमैन और दो सदस्यों वाली पीठ है, जो सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े कई लंबित और नए मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा कर चुकी है।
इन प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े मामलों की होती है सुनवाई
बिजली, पानी की आपूर्ति, डाक, टेलीफोन सेवा और परिवहन संस्थान।
अस्पताल, डिस्पेंसरी सेवा और शिक्षा से जुड़े मामले
बैंकिंग, बीमा, किराया और सूचना से संबंधित विवाद।
सरकारी योजनाएं व दस्तावेज: [पहचान पत्र/दस्तावेज ओमिटेड], राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, शगुन योजना, बेरोजगारी भत्ता और मानव संसाधन विकास से जुड़े विवाद।
₹1 करोड़ तक के मामलों का अधिकार क्षेत्र
सेशंस जज ने बताया कि यह अदालत 1 करोड़ रुपये तक की राशि से जुड़े विवादों की सुनवाई और निपटारा कर सकती है। किसी भी अदालत में लंबित या नए विवाद, शिकायतें और मामले एक सादे कागज पर लिखकर सीधे स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकते हैं।
फैसले के खिलाफ नहीं होगी कोई अपील
इस अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके फैसले दीवानी अदालत (Civil Court) के फैसलों के समान ही कानूनी रूप से मान्य होते हैं। इन फैसलों के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की जा सकती और न ही मामले को दोबारा खोलने का कोई प्रावधान है, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है।
प्रशासन की अपील:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि वे उपरोक्त श्रेणियों में आने वाले अपने विवादों को सुलझाने के लिए स्थायी लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, ताकि कम लागत और बिना किसी मानसिक तनाव के त्वरित न्याय मिल सके।
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इसका मतलब क्या है
पठानकोट में परमानेंट लोक अदालत की शुरूआत आम जनता को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अदालत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े मामलों का निपटारा कर सकती है, जैसे कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग, बीमा, किराया और सूचना से संबंधित विवाद। यह अदालत आम लोगों के लिए ज्यादातर मामलों का हल निकालने के लिए एक त्वरित और सरल प्रक्रिया प्रदान करती है। स्थायी लोक अदालतों के माध्यम से न्याय प्राप्त करना आम जनता के लिए अब आसान और सुलभ हो गया है, जिससे लोग अपने मामलों का हल जल्दी से प्राप्त कर सकते हैं।
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