सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड अभियंत्रण सेवा में प्रमोशन पर अंतरिम रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड राज्य अभियंत्रण सेवा में कार्यपालक अभियंता से अधीक्षण अभियंता और उससे ऊँचे पदों पर पदोन्नति पर अंतरिम रोक लगा दी है। इस फैसले के तहत सभी अभियंत्रण सेवाओं पर प्रमोशन रोका गया है और अगले सुनवाई की तिथि 26 अक्टूबर तय की गई है। निर्णय एसटी वर्ग के अभियंताओं को 1939 के नियमावली और 2003 के संकल्प के अनुसार वरीयता देने के विवाद से जुड़ा है।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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झारखंड राज्य अभियंत्रण सेवा:सुप्रीम कोर्ट ने इंजीनियरिंग सेवा में प्रमोशन पर अंतरिम रोक लगाई
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सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड राज्य अभियंत्रण सेवा में कार्यपालक अभियंता से अधीक्षण अभियंता और उससे उच्चतर पदों पर पदोन्नति के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने मामले में राज्य सरकार समेत अन्य पक्षकारों को नोटिस जारी करते हुए अभियंत्रण सेवा संवर्ग के सभी पदों पर प्रमोशन पर अंतरिम रोक लगा दी है।
अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर निर्धारित की है। यह पूरा विवाद कार्यपालक अभियंता वर्ग-1 सेवा नियमावली 1939 में निर्धारित वरीयता और कार्मिक विभाग के 31 मार्च 2003 के संकल्प के आधार पर एसटी कोटि के अभियंताओं को परिणामी वरीयता का लाभ दिए जाने से जुड़ा है।
दारोगा प्रोन्नति पर लगी रोक हटाने से हाईकोर्ट का इंकार
झारखंड हाईकोर्ट ने सिपाही से दारोगा पद पर प्रोन्नति मामले में राज्य सरकार को राहत देने से बुधवार को इंकार कर दिया। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने पुलिस विभाग द्वारा जारी वरीयता सूची के आधार पर होने वाली प्रोन्नति पर पूर्व में लगाई गई रोक हटाने के सरकार के आग्रह को खारिज कर दिया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को निर्धारित की है। मालूम हो कि यह मामला पुलिस विभाग द्वारा 9 सितंबर 2024 को जारी वरीयता सूची से जुड़ा है।
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